पढ़ाई की परवाह न कर छात्रा ने पीएम मोदी के मिशन को किया पूरा, पिता व प्रधानमंत्री का सपना किया साकार

एक शिक्षित ने बेटी होने व देश का नागरिक होने का दायित्व बखूबी निभाया है।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 29 Jun 2020, 07:59 PM IST

कानपुर देहात-देश के प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत मिशन एक सपना है, जिसके तहत हर घर में शौचालय हो। योजना के तहत कई ऐसे लोग हैं कि पात्रता होने के बावजूद उनका शौंचालय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। कई ऐसे पात्र हैं, जिन्हें अफसरों के चक्कर काटने के बाद भी शौंचालय नहीं मिला। ऐसी ही एक नजीर कानपुर देहात के यमुना पट्टी के समीप बसे गांव चपरघटा में रहने वालेे शिवनाथ के परिवार की है। जहां उसकी बेटी ने शौंचालय बनवाकर प्रधानमंत्री के मिशन एवं पिता की तकलीफों को दूर कर दिया। शिक्षा ग्रहण कर रही इस बेटी ने जब पिता की समस्या को देखा तो उसने बीटीसी के लिए आई अपनी स्कॉलरशिप से घर में शौचालय बनवा दिया।

उसने बताया कि घर में शौचालय न होने से हम लोगों को बाहर खुले में शौंच जाते देख वो चिंतित रहते थे। पात्र होने के बावजूद शौचालय न मिलने पर उन्होंने अफसरों के दफ्तरों के कई चक्कर काटे, लेकिन कोई शौंचालय नहीं मिला। पिता को दौड़ भाग करते देख हम सभी लोग द्रवित थे। फिर जब वजीफे के रुपए आए तो घर में शौचालय बनवाकर पिता की चिंता को दूर कर दिया। इसके साथ ही देश के प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने में सहयोग भी किया।

उसने बताया कि यमुना पट्टी की तरफ बसे गांव में शौचालय न होने से लोग खुले में शौच जाते हैं, जो समय को देखते हुए घरवालों के लिए चिंता का विषय होता है। पिता ने ग्राम प्रधान से लेकर अफसरों से गुहार लगा डाली, लेकिन नतीजा सिफर निकला। थक हारकर बीटीसी कि पढ़ाई के लिए आने वाले रुपए को मैंने शौंचालय में लगा दिया। फिलहाल आरती के इस सराहनीय कार्य के लिए लोग उसकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। यही कि एक शिक्षित ने बेटी होने व देश का नागरिक होने का दायित्व बखूबी निभाया है। आरती का यह काम आज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Arvind Kumar Verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned