1 रोटी की कीमत डेढ़ हजार, मुंहमांगे रूपए देते हैं खरीदार

जेल के अंदर पकती है विश्व की सबसे महंगी रोटी, जन्माष्टमी, दिवाली पर ज्यादा बड़ जाती है डिमांड

By: Vinod Nigam

Published: 16 May 2018, 02:38 PM IST

कानपुर। इंसान रोटी के लिए पूरी जिंदगी जद्दोजहद करता है और इसके लिए वो नौकरी से लेकर अपराध की दुनिया में उतरने तक को तैयार हो जाता है। पर इस रोटी की अगल पहचान है और इसके कई नुख्शे भी है। ये मुंबई, दिल्ली के फाइव स्टार होटल्स में कम दामों में मिल जाती है पर इसकी सबसे ज्यादा कीमत कानपुर की जेल के अंदर है। यहां पर दस, बीस नहीं बल्कि डेढ़ हजार रूपए से लेकर दस हजार तक की कीमत देकर लोग रोटी खरीदते है। आमदिनों के बजाए जन्माध्टमी और दिवाली पर्व पर जेल की रोटी के खरीदार ज्यादा होते है और वह जेल के सुबह से लेकर रात के चक्कर लगाते हैं और मुहंमांगी कीमत देकर इसे खरीद कर खाते हैं। जेल की रोटी की बुकिंग त्योहरों से कई दिन पहले से शुरू हो जाती है। पंडित कमलाकांत शुक्ल ने बताया कि “जेल जाने से बचने के लिए वहां की रोटी खाना एक टुटका है। इससे कई बार दोष का निवारण हो जाता है। वैसे कारागार योग से बचने के लिए यज्ञ के जरिए दोष की शान्ति करानी चाहिए।
आज भी लोग टोटके पर करते हैं विश्वास
देश के सांइटिस्ट चंद्रमा और सूर्य गृह में पहुंच गए हैं। मेट्रो से लेकर बुलट ट्रेन और रिसर्च के जरिए हरदिन नए-नए शोध कर रहे हैं। लेकिन आज भी भारत में लोग गृह नक्षत्रों पर विश्वास रखते हैं। कोई बीमारी तो कोई कोर्ट कचहरी से बचने के लिए ज्योतिषों के पास जाकर अपनी कुंडली दिखवता है। ज्योतिषार्य भी उन्हें गृहों के कुघाराघात से बचने के लिए नए-नए नुख्शे बताते हैं। ज्योतिषों ने जेल जाने से बचने के लिए अमाशहरी को जन्माष्टमी और दिवाली पर्व पर जेल की रोटी खाने की सलाह देते हैं। जिसके कारण कानपुर के सेंट्रल जेल की रोटी के भाव इन पर्व पर दस-बीस के बजाए एक हजार से लेकर दस हजार तक पहुंच जाते हैं। जेल की रोटी को शहर के कई बिजनेसमेन, नेता और दूसरे लोग किसी भी कीमत पर खा रहे हैं। ये वो लो हैं जिनका कुंडली, नक्षत्र और सितारों पर गहरा विश्वास है. और हर मुसीबत और संकट की घड़ी में ये अपने गुरु और पंडितों की शरण में जाते हैं।जो अपने जजमानों को कुंडली और नक्षत्रों को योग देखकर मुसीबत की वजह और उसका समाधान भी बताते हैं।
कड़ी मशक्कत के बाद मिलती है रोटी
कई बार पंडित नक्षत्रों का योग देखकर जजमान को बताते हैं कि आने वाले दिनों में वो जेल जा सकते हैं। इससे बचने के लिए पंडित ही समाधान भी देते हैं कि अगर वो जेल की रोटी खा लें, तो जेल जाने का योग कट सकता है। इसके बाद ही शुरू होती है जेल की रोटी खाने की मशक्कत। नवाबगंज निवासी धीरज गुप्ता जिनकी कपड़े की बड़ी दुकान है, ज्योतिष पर विश्वास करते हैं। उनका मानना है कि जिंदगी में जो भी उतार-चढ़ाव, कष्ट-मुसीबत, दुख-दर्द आते हैं उनके लिए सितारों का योग ही जिम्मेदार होता है। एक ओर वो पारिवारिक समस्या से निकलने के लिए अपने पंडित के पास गए। कुंडली देखकर पंडितजी ने जो बताया, उसे सुनकर उनके होश उड़ गए। पंडितजी ने कहा, इस समस्या के चलते ही आप पर जेल जाने के योग बन रहे हैं। इस पर मैंने पंडित जी से कहा, क्या कोई समाधान नहीं है इसका? तो उन्होंने कहा, अगर वह जेल के भंडारे में बनी रोट खा लें, तो उनका यह योग कट जाएगा। इसके बाद वो कई दिन तक जेल की रोटी खाने के लिए जुगाड़ करते रहे। काफी मशक्कत के बाद एक बंदी रक्षक की मदद से दो हजार रुपए देकर भंडारे में बनी रोटी बाहर मंगवाई और उसे खाकर दोष का निवारण किया।
नेता और कारोबारी अपनाते हैं ये नुख्शा
फतेहपुर के एक पूर्व विधायक जो बसपा से जुड़े हैं को उनके ज्योतिषाचार्य ने बताया था कि उनकी पूरी फैमिली को जेल जाने का योग है। पंडित ने इस दोष से बचने के लिए उनको जेल की रोटी खाने की सलाह दी। वे चाहते तो अपने रसूख का इस्तेमाल कर फतुहपुर में ही जेल की रोटी खा सकते थे, लेकिन वे बदनामी के डर से फैमिली के साथ कानपुर जेल आए और यहां पर भंडारे में बनी रोटी खाकर चले गए। आर्यनगर निवासी विजय शर्मा जिनका लोहे का बड़ा करोबार है। उन्होंने बताया कि पिछले साल जन्माष्टमी पर्व पर वह अपने बेटे को लेकर जेल गए। वहां पर उन्होंने एक बंदी रक्षक के जरिए जेल से रोटी मंगवाई और बेटे को खिलाकर उसके जेल जाने के दोष का निवारण किया।उनको एक पंडित ने बेटे की कुण्डली देखकर बताया था कि यह किसी न किसी कारण जेल जरूर जाएगा। रोटी खाने के बाद बेटा जेल नहीं गया और उसे पंडित जी की कृपा से सरकारी नौकरी मिल गई। काकादेव निवासी अन्नू अवस्थी ने बताया कि उन्हें गांव के एक पंडित ने कुंडली देखकर जेल जाने की बात कही थी। इसके उपचार के लिए उन्होंने जेल की रोटी खाने की सलाह दी थी। हमने पांच हजार रूपए देकर जेल के अंदर से रोटी खरीदी। मां, बहन के साथ खाया।
12 माह के अंदर दर्ज होगी एफआईआर
यशोदा नगर निवासी पूर्व विधायक को एक ज्योतिषि ने बताया था कि 2016 के बाद आप चुनाव हार जाएंगे और 12 माह के अंदर आपके खिलाफ एफआईआर हो सकती है। जिसके चलते आपकों जेल जाना पड़ सकता है। ज्योतिषी की बात सुनकर विधायक जी के पैरों के तले से जमीन खिसक गई। उन्होंने इसके निवराण के बारे में उनसे पूछा तो ज्योतिषी ने बताया कि आप यदि जेल की बनी रोटी खालें तो जेल जाने से बच सकते हैं। उन्होंने रसूख का इस्तेमाल कर जेल के भंडारे से रोटी मंगवा ली और उसके पूरी फैमिली को खिलाया। वहीं जेल से बाहर आए कुछ बंदियों ने इसकी सच्चाई पर मुहर लगाई। पत्नी की हत्या के आरोप में पांच साल तक कानुपर जेल में रहे एक युवक ने बताया कि जेल की रोटी के लिए कुछ लोग कोई भी कीमत देने को तैयार हो जाते है। वे जुगाड़ से भंडारे में स्पेशल रोटी बनवाते है।कुछ तो पैसे खर्चकर बाहर से खाना मंगवाते हैं।
बंदीरक्षकों के जरिए आती है बाहर रोटी
वैसे तो रोटी अनमोल होती है। भूखा इंसान ही रोटी की कीमत जान सकता है, लेकिन जेल में बन्दीरक्षक मुंहमांगी कीमत पर रोटी को बाहर बेचते हैं। वे जरूरतमंद को इतनी दिक्कत बता देते है कि सामने वाला उसकी मुंहमांगी कीमत दे देता है।जेल में शाम को बेल पर बंदियों को रिहा किया जाता है। इसके बाद बंदियों को खाना देने के बाद उनकी गिनती कर बैरक बन्द कर दी जाती है। इसके बाद बन्दी बैरक से बाहर नहीं निकल पाते हैं। इसके बाद बंदीरक्षक भंडारे की रोटी को बाहर लाकर जरूरत मंद को देते है। कुछ जरूरतमंद तो रोटी लेने के लिए लग्जरी गाड़ी से जेल पहुंचते हैं। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के अलावा लम्बरदारों से एक रोटर की फरियाद लगाते हैं। सुरक्षाकर्मी निगाह बचाकर पैंट के अंदर तो कोई अपनी तोटी के अंदर छिपाकर रोटी बारि लेकर आते हैं और मुंहमांगे पैसे लेकर खरीदार को देते हैं।
इस तरह से बोले ज्योतिषाचार्य
ज्योतिषाचार्य पंडित बलराम तिवारी बताते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण जन्म जेल में ही हुआ था और कुछ ही देर में वो जेल से बाहर आ गए थे। इसी के चलते कुछ ज्यातिषाचार्य इस टुटके के अजमाने की सलाह लोगों को देते हैं। वहीं केए दुबे पदमेश ने बताया कि गृह दशा भाव में मंगल और राहु की युति पर कारागार योग होता है। इसी तरह 86 प्रकार से कारागार योग होता है।उनका निवारण के लिए पूजा और यज्ञ के जरिए दोष की शान्ति करायी जाती है।जेल की रोटी से इस दोष का निवारण नहीं होता है.। लेकिन शहर में ऐसे कई पंडित हैं जो जेल जाने का योग काटने के लिए जेल की रोटी खाने की सलाह देते हैं। ज्योतिष समाधान से ज्यादा ये टोटके के रूप में प्रचलित है। पंडित कमलाकांत शुक्ल ने बताया कि “जेल जाने से बचने के लिए वहां की रोटी खाना एक टुटका है। इससे कई बार दोष का निवारण हो जाता है। वैसे कारागार योग से बचने के लिए यज्ञ के जरिए दोष की शान्ति करानी चाहिए।

 

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