Panchayat Election Update: आरक्षण में मिला मौका तो नौकरी छोड़ चुनाव मैदान में उतरी महिला

श्वेता पढ़ाई के दौरान ही राजस्व निरीक्षक के पद पर चयनित भी हो गईं। मगर अब वह नौकरी छोड़ परास जिला पंचायत सदस्य सीट से प्रत्याशी के रूप में मैदान में कूद पड़ी हैं।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 12 Apr 2021, 01:44 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. इस बार यूपी में हो रहे पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) मिजाज कुछ अलग दिख रहा है। जिला पंचायत (Jila Panchayat) की सीटों के आरक्षण आने के बाद जब पुरुषों को चुनाव में उतरने का अवसर नहीं मिला तो उनकी पत्नियों ने क्षेत्र की समस्याओं के मुद्दे को लेकर पर्चा दाखिल कर दिया और चुनाव मैदान में उतर आईं। यहां तक कि सरकारी नौकरी छोड़ अब राजनीति के सफर पर चल पड़ी हैं। कानपुर के घाटमपुर के परास से जिला पंचायत सदस्य के पद पर उतरीं श्वेता रामजी शुक्ला अब विकास कार्य सहित चिकित्सा सुविधाओं के मुद्दे को लेकर मतदाताओं को अपने पक्ष में कर रही हैं। यही वजह है कि अपनी नौकरी छोड़कर राजनीति के मैदान में उतर पड़ी हैं।

हम बात कर रहे हैं घाटमपुर ब्लॉक के नारायणपुर गांव में रहने वाली श्वेता रामजी शुक्ला की, जिन्होंने एमएससी, बीएड और आईआईटी रुड़की से बीटेक किया है। शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहीं श्वेता पढ़ाई के दौरान ही राजस्व निरीक्षक के पद पर चयनित भी हो गईं। मगर अब वह नौकरी छोड़ परास जिला पंचायत सदस्य सीट से प्रत्याशी के रूप में मैदान में कूद पड़ी हैं। श्वेता के पति रामजी शुक्ला बैंक अधिकारी हैं। श्वेता का कहना है कि परास में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। जिसके चलते यहां के लोगों को चिकित्सा समस्याओं से जूझना पड़ता है। यहां के लोगों को सभी सुविधाएं मिलें, यही मेरा प्रयास रहेगा।

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