हिण्डौन सरस डेयरी के घी को ‘एगमार्क’ की प्रमाणन

 

Certification of Agmark to Ghee of Hindaun Saras Dairy.Hindaun dairy plant will have poly packing of ghee. Ministry of Agriculture and Farmers Welfare issued certification.Agmark' to Sawaimadhopur-Karauli District Milk Producers' Cooperative Association after four decades
हिण्डौन डेयरी प्लांट में होगी घी की पॉली पैकिंग. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने जारी किया प्रमाणन

By: Anil dattatrey

Updated: 08 Dec 2019, 10:08 PM IST

हिण्डौनसिटी. चार दशक से सवाईमाधोपुर में डेयरी चला रहे सवाईमाधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ को घी की पैकिंग के लिए एगमार्क प्रमाणन मिल गया है। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय द्वारा एगमार्क प्रमाणन जारी करने के बाद संघ हिण्डौन सरस डेयरी प्लांट में घी की पॉली पैकिंग हो सकेगी। संघ के करौली व सवाईमाधोपुर जिले के तीन डेयरी प्लांटों में हिण्डौन में ही घी का निर्माण होता है।


हिण्डौन डेयरी प्लांट में दूध की पैकिंग शुरू होने के साथ ही वर्ष 2015 से घी का निर्माण शुरू हो गया था। जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के पास एगमार्क प्रमाणन नहीं होने से एक लीटर घी की पॉली पैकिंग नहीं हो रही थी। डेयरी में निर्मित घी को दूसरी डेयरियों से पीपों के खाली बारदाना मंगवा कर 15 किलो व पांच किलो वजन की टीन पैकिंग की जा रही थी। डेयरी में बना घी अब तक बीपीएल प्रसूता योजना व व्यवसायिक उपयोग में लिया जा रहा है।

कई वर्ष से लंबित आवेदन पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि सहकारिता एवं कृषक कल्याण विभाग के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय ने गत दिनोंं सवाईमाधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ एक लीटर पैकिंग के लिए एगमार्क प्रमाणन जारी दिया। डेयरी ने तैयारियां शुरू कर डेयरी प्लांट के एक कर्मचारी को घी की पैकिंग प्रशिक्षण के लिए जयपुर डेयरी भेजा है।


रोजाना बनता 750 किलो घी-
हिण्डौन सरस डेयरी में टोण्ड व डबल टोण्ड दूध की पैंकिंग में सेपरेटा से निकाली क्रीम से रोजाना करीब 750 किलोग्राम घी का निर्माण होता है। डेयरी सूत्रों के अनुसार घी को पांच व 15 किलोग्राम की टीन में पैकिंग किया जाता है।

सीकर-अलवर से करा रहे पैकिंग-
एगमार्क नहीं होने से डेयरी प्रबंधन एक लीटर व आधा लीटर घी की पैकिंग सीकर व अलवर डेयरी से करा रहे हैं। डेयरी सूत्रों के अनुसार 15 लीटर घी के टिनों को दूसरी डेयरियों में भेज उनके एगमार्क से एक लीटर वजन में पॉलीपैक में रि-पैक कराए जा रहे है। अब पॉली पैकिंग स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।

वर्षों से अनुपयोगी पड़ी पैंकिंग मशीन-
डेयरी में अन्य मशीनों के साथ आई घी पैकिंग की मशीन वर्षों से अनुपयोगी पड़ी है। करीब पांच वर्ष से धूल फांकने के बाद वर्ष 2015 में दूध पैकिंग शुरू होने से प्लांट में घी पैकिंग मशीनें भी स्थापित कर दी गई। लेकिन घी पैेिकंग शुरू नहीं हुई। ऐसे में डेयरी में केवल घी निर्माण व स्टोरेज मशीन का उपयोग हो रहा था।

इनका कहना है-
विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय से हाल ही में एगमार्क सर्टिफिकेट मिला है। एक कर्मचारी को भी ट्रेनिंग के लिए भेज दिया। जल्द ही संघ के हिण्डौन प्लांट में घी की पैकिंग शुरू होगी।
गिर्राजप्रसाद मीणा, प्रबंध निदेशक,
सवाईमाधोपुर-करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, सवाईमाधोपुर।

Anil dattatrey
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