रीट के साथ सम्पन्न हुई व्यवस्थाओं की परीक्षा, प्रशासन ने ली राहत की सांस

रीट के साथ सम्पन्न हुई व्यवस्थाओं की परीक्षा, प्रशासन ने ली राहत की सांस
करौली जिले में 90 प्रतिशत ने दी रीट परीक्षा

दो दिन प्रभावित रहा जनजीवन, एक दिन थमी रहीं व्यावसायिक गतिविधि

करौली. रविवार को हुई राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) के दौरान बेरोजगारों का मेला देखने को मिला। जिले में 55 परीक्षा केन्द्रों पर दो लेवल की दो पारियों में आयोजित परीक्षा को लेकर समूचा प्रशासनिक तंत्र एक सप्ताह से जुटा हुआ था। परीक्षा के शांतिपूर्वक सम्पन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

By: Surendra

Published: 26 Sep 2021, 11:17 PM IST

रीट के साथ सम्पन्न हुई व्यवस्थाओं की परीक्षा, प्रशासन ने

ली राहत की सांस
करौली जिले में 90 प्रतिशत ने दी रीट परीक्षा

दो दिन प्रभावित रहा जनजीवन, एक दिन थमी रहीं व्यावसायिक गतिविधि

करौली. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को आयोजित हुई राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) के दौरान बेरोजगारों का मेला देखने को मिला। जिले में 55 परीक्षा केन्द्रों पर दो लेवल की दो पारियों में आयोजित इस परीक्षा को लेकर समूचा प्रशासनिक तंत्र बीते एक सप्ताह से जुटा हुआ था। परीक्षा के शांतिपूर्वक सम्पन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।


करौली जिले में 55 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित हुई राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) में प्रथम पारी में 89.18 तथा दूसरी पारी में 90.64 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। प्रथम पारी में लेवल प्रथम तथा दूसरी पारी में द्वितीय लेवल की परीक्षा आयोजित की गई थी।
सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम तथा द्वितीय लेवल की प्रत्येक परीक्षा में 17 हजार 712 अभ्यर्थी थे। इनमें से प्रथम लेवल के लिए पहली पारी में 15 हजार 597 ने परीक्षा दी और 1915 गैर हाजिर रहे। जबकि दूसरे लेवल की परीक्षा में 16055 परीक्षार्थी शामिल हुए।

दो दिन से जनजीवन भी इस परीक्षा के कारण खासा प्रभावित रहा। परीक्षा के अलावा अन्य लोगों की आवाजाही थम गई थी और रविवार को तो शहर की दुकानें तथा इंटरनेट सेवाएं बंद कर देने के कारण व्यावसायिक गतिविधि भी ठप रही। जिला मुख्यालय सहित जिले में हिण्डौन, टोडाभीम तथा सपोटरा में परीक्षा केन्द्र बनाए जाने से इन शहर-कस्बों में शनिवार शाम से ही परीक्षार्थी और उनके परिजनों की चहल-पहल दिखी। ऐसा पहली बार हुआ जब किसी परीक्षा के अभ्यर्थियों की आवाजाही नि:शुल्क होने के साथ उनके आवास व भोजन के प्रंबध भी सरकारी और सामाजिक संगठनों की ओर से किए गए। विभिन्न धर्मशालाओं, मैरिज होम सहित अन्य स्थानों पर शनिवार से ठहराव और खाने के प्रबंधों में अनेक लोग जुटे हुए थे जिनको प्रशासनिक सहयोग भी मिला।

हाइवे पर रही वाहनों की कतार

परीक्षा का निर्धारित समय तो सुबह 10 बजे से था लेकिन केन्द्रों के आसपास परीक्षार्थियों का जमावड़ा 7 बजे से ही शुरू हो गया। शहर में जगह-जगह परीक्षार्थी और उनके परिजन बैठे हुए या घूमते हुए दिखे। चाय-नाश्ता की दुकानों और रेस्टोरेंट आदि पर सुबह से शाम तक खासी भीड़ बनी रही। करौली में कॉलेज, हायर सैकण्डरी, सहित निजी स्कूलों में परीक्षा केन्द्र होने से मैगजीन से लेकर मासलपुर मोड़ तक हाइवे पर सड़क किनारे वाहनों की लम्बी कतार लगी नजर आई। शहर के बाजार में भी वाहनों की रेलमपेल बनी रही। हालांकि बाजार बंद होने से इन वाहनों के कारण कोई खास दिक्कत नहीं हुई।

उतरवाए जूते और फुल शर्ट

परीक्षा के निर्धारित समय 10 व 2 बजे से आधा घंटे पहले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश दिया गया। पहले से निर्देश दिए जाने के बाद भी अनेक अभ्यर्थी फुल शर्ट और जूते मौजे पहनकर पहुंचे। इन अभ्यर्थियों को प्रवेश देने से पहले शर्ट और जूते बाहर उतरवाए गए। ऐसे भी अभ्यर्थी थे जिन्होंने शर्ट के नीचे बनियान न पहनी हुई थी। इस स्थिति में उन्होंने नंगे बदन परीक्षा दी। अभ्यर्थियों के दुपट्टा, स्वापी, मोबाइल, बैग आदि को बाहर रखे जाने की व्यवस्था कॉलेज के परीक्षा केन्द्र पर 10 रुपए के शुल्क में की गई थी। इस केन्द्र पर विभिन्न वस्तुओं का ढेर लग गया।

उतरवाए आभूषण, बच्चों को संभाला


इसी प्रकार नाक-कान के आभूषण और मंगलसूत्र पहनकर आई महिला अभ्यर्थियों तो भी प्रवेश नहीं दिया गया। महिला परीक्षार्थियों ने इन आभूषणों को अपने साथ आए परिजनों को सौंपा। महिला परीक्षार्थियों के परीक्षा देने दौरान उनके साथ आए अनेक परिजन बच्चों को संभालते हुए दिखे।


वापसी में बने जाम के हालात


परीक्षा खत्म होने के बाद करौली में मैगजीन से लेकर मासलपुर मोड़ तक जाम के हालात बन गए। काफी देर तक वाहनों में लोग फंसे रहे। इस दौरान पैदल निकल पाना भी दुश्वार हुआ। काफी लोग अपने वाहनों से आए थे। ये वाहन सड़क किनारे खड़े हुए थे। इन वाहनों के कारण और एक साथ परीक्षार्थियों की वापसी से एक घंटे तक हाइवे पर जाम की स्थिति रही। वाहन रेंगते हुए गुजरे। पुलिसकर्मियों ने वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया।
बस स्टैण्ड पर विभिन्न स्थानों के लिए वाहनों की व्यापक व्यवस्था की गई थी। इन वाहनों की रवानगी की व्यवस्था की निगरानी के लिए पुलिस उपाधीक्षक मनराज मीणा तथा उपखण्ड अधिकारी धीरेन्द्र सोनी मौजूद रहे।

Surendra Bureau Incharge
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