हरियाणा: आधा दर्जन विधायकों ने अफसरों के खिलाफ खोला मोर्चा

स्पीकर के पास धड़ाधड़ आ रही सुनवाई न करने की शिकायतें
विधानसभा सचिवालय ने कई को जारी किए नोटिस

By: Devkumar Singodiya

Published: 28 May 2020, 08:47 PM IST

करनाल/चंडीगढ़. हरियाणा के अधिकारियों द्वारा विधायकों की सुनवाई न किए जाने का मुद्दा और गहरा गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विधानसभा स्पीकर तथा गृहमंत्री अनिल विज द्वारा विधायकों की पीठ थपथपाए जाने के बाद विधायकों ने अफसरों के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगा दिया है।

हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने जब वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विधायकों की बैठक ली तो लगभग सभी विधायकों ने अधिकारियों द्वारा अनेदखी किए जाने का मुद्दा उठाया। विधानसभा स्पीकर ने विधायकों से मिले फीडबैक के बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

इस बीच विधायकों द्वारा विधानसभा सचिवालय में अफसरों के खिलाफ लगातार शिकायतें दी जा रही हैं। कोसली के विधायक लक्ष्मण यादव ने रेवाड़ी की एसपी नाजनीन भसीन के तबादले की मांग करते हुए कहा है कि एसपी उनका फोन नहीं उठाती हैं। जिससे डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी बल मिल रहा है। असंध से कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी ने अपने क्षेत्र के एसडीएम अनुराग डालिया के विरूद्ध शिकायत दी है।

सोनीपत से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार ने नगर निगम के संयुक्त आयुक्त तथा एडीसी के विरूद्ध फोन न उठाने, जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता न देने की शिकायत दी है। इसके अलावा अन्य कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र के अधिकारियों के विरूद्ध विधानसभा स्पीकर को शिकायत दी है। इनमें ज्यादातर शिकायतें एसपी, एसडीएम तथा एसडीओ स्तर के अधिकारियों के विरूद्ध है।


सीएमओ ने जारी किए अधिकारियों को निर्देश

हरियाणा में पिछले कई दिनों से नौकरशाहों द्वारा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी किए जाने का मुद्दा गर्माया हुआ है। विधायकों की नाराजगी का मुद्दा स्पीकर ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष उठाया था। जिसके बाद सीएम ने अपने प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को जिलों के अधिकारियों को हिदायतें जारी करने के आदेश दिए थे। खुल्लर ने भी हाथों-हाथ इस इस बारे में राजनीतिक और संसदीय मामले विभाग को निर्देश दिए। प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, डीसी-एसपी के अलावा एडीसी, एसडीएम, नगर निगमों के आयुक्तों तथा जिला परिषद के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) को लिखित में आदेश दिए हैं।

अधिकारियों को कहा गया है कि लोकसभा व राज्यसभा सांसदों के अलावा सभी विधायकों को पूरा मान-सम्मान देना होगा। इन जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर जिले के अधिकारियों को अपने फोन में सेव करने होंगे ताकि वे तुरंत फोन उठा सकें। अगर किसी कारण से फोन नहीं उठा पा रहे हैं तो मैसेज करके रिप्लाई करना होगा। बाद में फोन करना होगा। अगर सांसद या विधायक फोन नहीं उठाते तो उन्हें मैसेज करना होगा।


हरियाणा की अधिक खबरों के लिए क्लिक करें...
पंजाब की अधिक खबरों के लिए क्लिक करें...

Show More
Devkumar Singodiya Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned