कक्षा, मंच और मैदान के बीच जरूरी है बेहतर तालमेल

पत्रिका स्वर्णिम भारत अभियान और पत्रिका समूह के स्थापना दिवस पर देश का भविष्य बच्चों पर अभियान.

राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक व हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि बच्चे कैसे करें चुनौतियों का सामना.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 07 Mar 2020, 09:22 AM IST

कटनी. पत्रिका स्वर्णिम भारत अभियान और पत्रिका समूह के स्थापना दिवस पर देश का भविष्य बच्चों को लेकर पत्रिका अभियान चला रहा है। इस अभियान में हम बता रहे हैं कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का बच्चे कैसे आसानी से सामना कर सकते हैं। बेहतर भविष्य और समाज का निर्माण कर सकते हैं।

बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार, परीक्षा प्रबंधन और तनाव से मुक्त जीवन को लेकर 2010 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने अपने अनुभव पत्रिका के माध्यम से बच्चों के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि बदलते परिवेश में जरूरी है विषय वस्तु और समय का प्रबंधन। इसके लिए बच्चों की पढ़ाई निरंतर चलती रहनी चाहिए। फिर मौसम चाहे बारिश का हो। ठंड या गर्मी का। सफलता का यही मूलमंत्र है।

हर छात्र को जीवन में एक सकारात्मक उद्देश्य जरूर तय करना चाहिए। आज के इलेक्ट्रानिक युग में बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी पर भी ध्यान देना जरूरी है। स्वस्थ मन के लिए स्वस्थ तन जरूरी है। शिक्षा के तीन सोपान होते हैं। कक्षा, मंच और मैदान। कक्षा और मंच तो बच्चों को मिल जाता है, लेकिन मैदान कई बच्चों से दूर है। इसलिए समय प्रबंधन में बच्चों को मैदान जरूर शामिल करना चाहिए। किसी भी खेल में सतत अभ्यास से पढ़ाई के साथ दूसरी चुनौतियों को पार करने की क्षमता भी विकसित होती है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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