मध्यप्रदेश सरकार के आला अधिकारी क्यों नहीं कर रहे प्याज मामले में कार्रवाई

कटनी जिले में मालवा से भेजे गए प्याज भंडारण के परिवहन व बिक्री में गड़बड़ी की फाइल 4 माह से दबी

 

 

By: raghavendra chaturvedi

Published: 09 Mar 2018, 12:05 PM IST

राघवेंद्र चतुर्वेदी/कटनी. बीते वर्ष मध्यप्रदेश के मालवा में बंफर प्याज उत्पादन के बाद किसान जब सड़क पर प्याज फेंकने लगे तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 8 रुपये किलो की दर प्याज खरीदने का एलान किया। प्याज खरीदी गई और प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों में बेची गई। प्याज के इसी परिवहन और भंडारण से लेकर मंडियों व राशन दुकानों से बिक्री के दौरान नागरिक आपूर्ति निगम (नान) व दूसरे विभाग के अफसरों पर गड़बड़ी करने के आरोप लगे। विपक्ष से भी प्याज मामले में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। शिकायतें हुई। जांच टीम बनी और जांच रिपोर्ट सामने आई। बड़ी बात यह है कि जांच रिपोर्ट में अफसरों द्वारा सरकार को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने की पुष्टि हो जाने के बाद राजधानी में बैठे आला अफसर जिम्मेंदारों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मालवा में बंफर प्याज उत्पादन के बाद राज्य सरकार द्वारा कटनी में 2 लाख 2 हजार 863 क्विंटल प्याज कटनी भेजी गई थी। यहां भंडारण, परिवहन, वितरण के दौरान कई क्विंटल प्याज गोदामों से ही गायब कर दी गई। तौल पर्चियां भी अफसर पचा गए। इस बात की पुष्टि संभागस्तरीय जांच टीम ने की और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त को चार माह पहले रिपोर्ट भी सौंप दी। भोपाल भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि प्याज व्यवस्थापन को लेकर कलेक्टर द्वारा गठित समिति के सदस्यों की लापरवाही से सरकार को 36 लाख 50 हजार रुपये राजस्व की क्षति हुई। 21 नवंबर 2017 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के चार माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। बड़ा सवाल यह है कि प्याज के मामले में गड़बड़ी की पुष्टि हो जाने के बाद भी आखिर लापरवाह अफसरों पर उच्चाधिकारी कार्रवाई से क्यों बच रहे हैं।

कटनी में कलेक्टर द्वारा गठित समिति में ये अफसर रहे शामिल
कटनी में प्याज व्यवस्थापन के लिए कलेक्टर द्वारा गठित समिति में संजय सिंह प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम (नान), करुणेश तिवारी सचिव कृषि उपज मंडी और सुधीर दुबे सहायक आपूर्ति अधिकारी कटनी शामिल रहे।

जांच टीम की रिपोर्ट के बिंदू
- कलेक्टर कटनी द्वारा प्याज परिवहन, संग्रहण व नीलामी के गठित समिति के सदस्यों ने दायित्वों का निर्वहन उचित ढंग से नहीं किया, यह प्रशासनिक अवहेलना का प्रकरण है।
- टेंडर द्वारा प्याज विक्रय की प्रक्रिया में विसंगति व विषमताएं पाई गई। समिति द्वारा समय-समय पर लिए गए निर्णय से शासन को ५ हजार मीट्रिक टन बिक्री में 36 लाख 50 हजार रुपये राजस्व हानि परिलक्षित होती है। यह अत्याधिक लापरवाहीपूर्ण कृत्य है। आर्थिक हानि का उत्तरदायित्व समिति सदस्यों पर है।
- गोदामवार विनिष्टिकृत प्याज मात्रा में अंतर पाया गया, दो गोदाम की प्याज मात्रा विलुप्त पाई गई।
- नान के प्रबंधक संजय सिंह और स्टेट वेयर हाउस के प्रबंधक विनिष्टिकरण प्रक्रिया के दौरान लिए गए प्याज के वजन के दस्तावेज और धर्मकांटे की तौल पर्चियां प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे स्पष्ट है कि विनिष्टिकरण में अनियमितताएं बरती गई होगी।
- विनिष्टिकरण के दौरान काटे गए ट्रक चालानों की प्रतियों में पाई गई विसंगतियों से स्पष्ट प्रतीत होता है कि ट्रक चालान जांच दल को गुमराह करने के उद्देश्य से कार्य हो जाने के बाद एक ही व्यक्ति से बनवाये गए हैं। चालान में लेखित विवरणों से विश्वसनीयता संदिग्ध है।
- मंडी गेट में प्याज की आवक-जावक की पंजी का निर्धारण नहीं किया गया, नियमों की अवहेलना हुई।
(कटनी में प्याज मामले की जांच टीम में क्षेत्रीय प्रबंधक एसडब्ल्यूसी एसके गोखे, क्षेत्रीय प्रबंधक नान रवि सिंह व जिला आपूर्ति नियंत्रक जबलपुर सीएस जादौन ने अक्टूबर 2017 में की है।)


- संभागस्तरीय जांच टीम की रिपोर्ट मेरे संज्ञान में नहीं है। टीम ने रिपोर्ट आयुक्त खाद्य विभाग को सौंपी है तो विभाग स्वयं कार्रवाई करने स्वतंत्र है। वैसे भी कार्रवाई के लिए सक्षम स्तर कलेक्टर नहीं अपितु विभाग ही है।
विशेष गढ़पाले कलेक्टर

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