पांच दिन में 15 गौवंश का हुआ ये हाल...पढि़ए खबर

पांच दिन में 15 गौवंश का हुआ ये हाल...पढि़ए खबर

mukesh tiwari | Publish: Sep, 08 2018 12:14:27 PM (IST) Katni, Madhya Pradesh, India

रोजाना घायल हो रहे दो से तीन मवेशी, कागजों तक सीमित अभियान, गौ उपचार केन्द्र में पांच दिन में पहुंचे 15 गोवंश, निगम से वाहन की भी नहीं मिल रही समाजसेवियों को सुविधा

कटनी. शहर की सड़कों में रोजाना दो से तीन मवेशी घायल हो रहे हैं। उनको सड़कों से हटाकर सुरक्षित करने का नगर निगम का अभियान कागजों तक सीमित है। पिछले पांच दिन में चांडक में चौक में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे गौ उपचार केन्द्र में 15 घायल और बीमार मवेशियों को पहुंचाया गया है। उल्टे निगम के कर्मचारियों को घायल मवेशी मिलते हैं तो वे उपचार केन्द्र पहुंचा रहे हैं जबकि केन्द्र को ही सूचना मिलने पर घायल मवेशी लाने के लिए नगर निगम वाहन उपलब्ध नहीं करा पाता है। पांच दिन में शहर के मुख्य मार्ग, पन्ना मोड़, पिपरौध, हाउसिंग बोर्ड, गजानन टाकीज रोड से गोवंश के नालियों, वाहनों से टकराने से घायल होने पर केन्द्र भेजा गया है।
सीएम के आने पर सक्रिय हुई थी हांका गैंग
नगर निगम की हांका गैंग कभी कभार ही सक्रिय नजर आती है। अगस्त माह के पहले सप्ताह में शहर में मुख्यमंत्री की जनआशीर्वाद यात्रा पहुंची थी। यात्रा के दो दिन पहले से निगम की हांका गैँग को सक्रिय किया गया था और आवारा मवेशियों को पकड़कर कॉजी हाउस भेजा गया। यात्रा के बाद से एक माह का समय बीत गया है लेकिन पर्व की बाजारों में भीड़ होने के बाद भी कर्मचारी मवेशियों को पकडऩे नहीं पहुंच रहे हैं। जो लोगों को घायल हो रहे हैँ तो बड़े वाहनों के टक्कर से खुद भी घायल हो रहे हैं।
मवेशियों के साथ प्रदर्शन की दे चुके हैं चेतावनी
गौमाता उपचार केन्द्र की समिति के युवा सदस्यों ने एक सप्ताह पूर्व महापौर को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें सड़कों में बैठने वाले मवेशियों को हांका गैंग के माध्यम से सुरक्षित कराने और घायल मवेशियों को उपचार केन्द्र तक पहुंचाने वाहन सुविधा देने की मांग की गई थी। कार्य न होने पर युवाओं ने शहर के आवारा मवेशियों को एकत्र कर निगम गेट पर प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी थी।

घायल मवेशियों की संख्या
30 अगस्त - 05
31 अगस्त - 04
02 सितंबर - 04
03 सितंबर - 04
इनका कहना है...
नगर निगम गौवंश को सुरक्षित कराने को लेकर काम नहीं कर रहा है। हांका गैंग सक्रिय नहीं है और रोजाना दो से तीन मवेशी घायल होकर उपचार केन्द्र पहुंचते हैं। जिनको लाने ले जाने निजी खर्च से वाहन करने होते हैं। ज्ञापन सौंपा था लेकिन उसके बाद भी अभी तक काम नहीं किया गया है।
सतीश सोनी, अध्यक्ष गोमाता उपचार केन्द्र समिति

आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही मवेशियों को सड़कों से हटाने ठोस कदम उठाए जाएंगे। उपचार केन्द्र की ओर से जब भी वाहन के लिए फोन आता है व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराया गया है।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर

Ad Block is Banned