वर्क फ्रॉम होम: महामारी से बचाव को लेकर आबकारी कर्मचारियों ने कही बड़ी बात, मुश्किल हालातों में संभालन रहे जिम्मेदारी

आबकारी विभाग में अधिकारी-कर्मचारियों का काम कार्यालय में शराब दुकानों की एनओसी जारी कराना, ठेका संबंधी प्रक्रिया पूरी कराना, चालानी कार्रवाई, न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कराना सहित शराब दुकानों में नियमों का पालन कराने सहित अवैध तरीके से बन रही शराब पर रोक लगाना, अवैध परिवहन पर कार्रवाई करना आदि काम है।

By: balmeek pandey

Published: 27 May 2020, 08:04 AM IST

कटनी. आबकारी विभाग में अधिकारी-कर्मचारियों का काम कार्यालय में शराब दुकानों की एनओसी जारी कराना, ठेका संबंधी प्रक्रिया पूरी कराना, चालानी कार्रवाई, न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कराना सहित शराब दुकानों में नियमों का पालन कराने सहित अवैध तरीके से बन रही शराब पर रोक लगाना, अवैध परिवहन पर कार्रवाई करना आदि काम है। लेकिन छापामार कार्रवाई में स्टॉफ को फील्ड में जाना होता है, शेष कार्य दफ्तर से ही संचालित करने होते हैं। संकट की इस घड़ी में वर्क फ्रॉम होम सिस्टम के पक्ष में भी विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी हैं। क्योंकि यहां पर अधिकारी-कर्मचारी एकत्रित होते हैं। शराब दुकानों के ठेकेदार, कर्मचारी सहित अन्य लोग पहुंचते हैं। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बड़ी चुनौती होता है। इसके चलते अधिकारियों का कहना है कि सब इंस्पेक्टर, आरक्षक, सहायक आबकारी अधिकारी सीधे घरों से कार्रवाई के लिए जा सकते हैं। कम्प्यूटर ऑपरेटर, लिपिक भी घरों से काम कर सकते हैं। मेजर स्टॉफ फील्ड में रहते हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग का आराम से पालन हो सकता है।

यह है आबाकारी स्टॉफ की स्थिति
जिला आबकारी कार्यालय में 30 अधिकारी-कर्मचारी पदस्थ हैं। यहां पर आवश्यकता से बहुत कम स्टॉफ है। अधिकारी की मानें तो सिर्फ 25 फीसदी ही स्टॉफ है। यहां पर एक जिला आबकारी अधिकारी, 2 एडीओ, 8 सब इंस्पेक्टर, तीन तृतीय श्रेणी, 2 चतुर्थ श्रेणी व शेष आरक्षक व चालक हैं। कर्मचारियों के मान से दफ्तर भी छोटा है। जिस कक्ष में ऑपरेटर और लिपिक बैठते हैं वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में कठिनाई हो रही है। बड़े हॉल में भी यही समस्या है। कर्मचारियों का कहना है कि महामारी से बचाव के लिए यहां पर पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग के पालन में वर्क फ्रॉम होम सिस्टम आवश्यक है।

यह है जिला आबकारी अधिकारी का तर्क
कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के दौरान हमने सोशल मीडिया के माध्यम से कई काम किए हैं। जानकारी लेने से लेकर काम में सोशल मीडिया मददगार साबित रहा है। अधिकारी-कर्मचारियों को इसके माध्यम से आदेश-निर्देश दिए गए। कर्मचारी घरों से ही फल्ड का काम देख पाए। हालांकि स्टॉफ की कमी के कारण थोड़ा समस्या है। वर्क फ्रॉम होम सिस्टम में कुछ कर्मचारी शिफ्ट हो सकते हैं, लेकिन कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाता है।
दीपक अवस्थी, जिला आबकारी अधिकारी।

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balmeek pandey Reporting
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