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विकास की एक बानगी ऐसी भी: दो साल पहले टीएनसीसी से कॉलोनी पास, 47 लाख रुपए अनुज्ञा शुल्क जमा, फिर भी नहीं बनी कॉलोनी

locationकटनीPublished: Jan 27, 2024 09:23:17 pm

Submitted by:

balmeek pandey

झिंझरी में कटनी विकास प्राधिकरण द्वारा 6.1 हेक्टेयर में बनाई थी कार्ययोजना, बजट न मिलने से 13 साल में धरातल में नहीं उतरी योजना
बजट के लिए सिर्फ शासन के पास हो रहा पत्राचार, जनप्रतिनिधियों को भी नहीं विशेष सरोकार

विकास की एक बानगी ऐसी भी: दो साल पहले टीएनसीसी से कॉलोनी पास, 47 लाख रुपए अनुज्ञा शुल्क जमा, फिर भी नहीं बनी कॉलोनी
विकास की एक बानगी ऐसी भी: दो साल पहले टीएनसीसी से कॉलोनी पास, 47 लाख रुपए अनुज्ञा शुल्क जमा, फिर भी नहीं बनी कॉलोनी

कटनी. शहर में अवैध कॉलोनियों व प्लाटिंगों की भरमार है, इन कॉलोनियों में लोग खून-पसीने की कमाई खर्चकर आशियाना तो बना लेते हैं, लेकिन फिर कई साल तक कॉलोनाइजरों द्वारा मूलभूत सुविधाओं पर काम न करने के लिए परेशान रहते हैं। जो कॉलोनियां वैध बनी हैं वहां के दाम सातवें आसमान पर होते हैं, जिससे सामान्य व्यक्ति को आशियाना बनाने के लिए जमीन खरीद पाना दूर की कौड़ी साबित होता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कटनी में दिसंबर 2010 से कटनी विकास प्राधिकरण (केडीए) का गठन हुआ था। आपको जानकर हैरानी होगी कि 13 साल में कई योजनाएं बनीं, इसमें आवासीय व वाणिज्यिक योजनाएं शामिल हैं, लेकिन एक भी धरातल पर नहीं उतरी हैं।
2022 में शहरवासियों के लिए आवासीय सह वाणिज्यिक योजना बनाई गई, लेकिन बजट के अभाव में आजतक धरातल पर नहीं उतरी हैं। इस योजना के विकसित होने से प्राइवेट कॉलोनियों में महंगी जमीन लेकर घर बनाने से सैकड़ों लोगों को राहत मिलती, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। शासन स्तर से केडीए को बजट ही नहीं मिल रहा। सीइओ से लेकर केडीए अध्यक्ष शासन को पत्र लिखकर बजट की मांग कर रहे हैं, लेकिन नतीजा सिफर है।

यह बनी थी योजना
जानकारी के अनुसार कटनी विकास प्राधिकरण के द्वारा 6.3175 हेक्टेयर में आवासीय कॉलोनी बनाने की कार्ययोजना बनाई थी। विकास अनुज्ञा की पूरी कार्यवाही नगर निगम से नवंबर 2022 में हो गई है और इसके लिए बकायदा नक्शा भी पास हो गया है। यह योजना जिला न्यायालय के पीछे तरफ बनी है। टाउन एंड कंट्री प्लाटिंग से योजना की स्वीकृति भी मिल गई है। नगर निगम से एनओसी मिलते ही केडीए के द्वारा टेंडर कराकर कॉलोनी में सडक़ निर्माण, नाली, बिजली और पानी की सुविधा के साथ सीवर लाइन का काम कराया जाना था, इसके बाद प्लाट विक्रय की प्रक्रिया शुरू करनी थी, लेकिन आजतक यह नहीं हो पाया।

फैक्ट फाइल
- 2965475 स्क्वायरमीटर में विकसित होगी रेंसीडेंसियल कॉलोनी।
- 220 कटनी विकास प्राधिकरण का कॉलोनी में बेचे जाएंगे प्लाट।
- 27 प्लाट आरक्षित किए जाएंगे गरीबी रेखा के नीचे वालों को।
- 1353.91 स्क्वायरमीटर छोड़ी जाएगी कॉलोनी में खुली जगह।
- 24796.81 स्क्वायरमीटर में कॉलोनी में होगा सर्कुलेशन वर्क।
- 726.90 स्क्वायरमीटर जमीन में होगा सर्विस का काम।
- 11 प्लाटों पर हो सकेगा एलआइजी भवनों का निर्माण।

नगर निगम कोष में जमा हुए हैं 47 लाख रुपए
कटनी विकास प्राधिकरण द्वारा झिंझरी में आवासीय कॉलोनी निर्माण के लिए नगर निगम से विकास अनुज्ञा लिए जाने प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके लिए नवंबर 2022 में 47 लाख रुपए विकास अनुज्ञा शुल्क के जमा किए गए हैं। इसके बाद नगर निगम द्वारा कॉलोनी विकास के लिए अनुज्ञा एनओसी दी जानी थी, लेकिन वह प्रक्रिया भी ठंडे बस्ते में है।

फैक्ट फाइल
- 200 से अधिक प्लाटों की रहेगी व्यवस्थित कॉलोनी, 16 से अधिक रहेंगी यहां पर सडक़ें।
- 3 लाख रुपए से काम आय व नगर निगम के माध्यम से पात्रता रखने वाले जरुरतमंदों को भी मिलने हैं प्लाट।
- कलेक्टर रेट से अधिक दाम में खरीदने वाले व्यक्ति को दी जाएगी पहले प्राथमिकता, एकाधिकार पर रहेगा केडीए की नजर।
- इडब्ल्यूएस के प्लाट नगर निगम के द्वारा ऑफर सिस्टम के माध्यम से किए जाएंगे आवंटित, अहर्ताएं करनी होंगी पूरी।
- मास्टर प्लान के अनुसार कटनी विकास प्राधिकरण करेगा आवासीय कॉलोनी का निर्माण, होंगी सभी सुविधाएं।
- आवासी कॉलोनी में एलआइजी, एमआइजी, एचआइजी सहित इडब्ल्यूएस आवासों का हो सकेगा निर्माण।

यहां के लिए भी बनी है योजना
केडीए के द्वारा बरगवां में भी एक आवासीय सह वाणिज्यिक योजना बनाई गई है। यहां पर 3.227 हेक्टेयर में कॉलोनी का निर्माण होना है। इसके लिए अभी प्रकाशन तक की प्रक्रिया नहीं हो पाई। केडीए में अबतक 15 अध्यक्षों ने कमान संभाली है, जिसमें सर्वाधिक कलेक्टर अध्यक्ष रहे हैं, दो बार कुंवर धु्रवप्रताप सिंह व वर्तमान में पीताम्बर टोपनानी अध्यक्ष की असंदी पर हैं, बावजूद इसके अबतक योजना फलीभूत नहीं हो पा रही।

वर्जन
बजट की मांग के लिए एक माह पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। लगातार बजट की मांग की जा रही है। जैसे ही राशि मिलती है कटनी में आवासीय सह वाणिज्यिक योजना पर काम शुरू करा दिया जाएगा। उम्मीद है कि इस बार जल्द ही फंड मिल जाएगा। बगरवां में भी एक नई आवासी कॉलोनी के लिए योजना बनी है, जिसका प्रकाशन कराया जाना है।
दीपक वैद्य, सीइओ केडीए।

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