खराब चावल सप्लाई में अब नहीं चलेगा धान की गुणवत्ता का बहाना

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्र से 30 प्रतिशत धान सीधे कस्टम मिलिंग के लिये होगा उठाव.

- मिलर की होगी परिवहन की जिम्मेंदारी.

By: raghavendra chaturvedi

Updated: 15 Nov 2020, 08:47 PM IST

कटनी. सार्वजनिक वितरण प्रणाली में जरूरतमंद परिवारों के लिए सप्लाई होने वाली चावल में गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाले मिलर्स पर कस्टम मिलिंग से पहले धान की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठा सकेंगे। इस बार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद केंद्र में कुल धान की तीस प्रतिशत मात्रा का उठाव सीधे मिलर्स के गोदाम में करने की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष उपार्जन अवधि के दौरान धान की कस्टम मिलिंग के लिये 30 प्रतिशत धान का उठाव उपार्जन केन्द्रों से सीधे अनुबंधित मिलर्स को किया जायेगा।

कस्टम मिलिंग के लिये उपार्जन केन्द्रों से मिलर्स द्वारा उठाव कर मिल प्रांगण एवं उनके स्वयं के भण्डारण एजेन्सी के कैप गोदाम में भण्डारण किया जायेगा। इसके लिए मिलर्स का पोर्टल पर ऑनलाईन पंजीयन किया जाना अनिवार्य होगा। पात्र मिलर्स का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुबंध निष्पादित किया जायेगा। धान को उपार्जन केन्द्र अथवा भण्डारण केन्द्र से मिल तक ले जाने हेतु परिवहन व्यवस्था तथा मिल से चावल जमा करने तक की परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदारी मिलर की होगी।

कलेक्टर एसबी सिंह बताते हैं कि नई धान कस्टम मिलिंग नीति के संबंध में बैठक आयोजित कर सीएमआर में धान सप्लाई के दौरान धान उपार्जन केंद्र से तीस प्रतिशत मात्रा मिलर्स को सीधे देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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