जानिए किस मामले में आए फैसले से देशभर में रहीं जिले की चर्चा, पीएम ने भी लिया नाम

जिला सत्र न्यायालय ने सालभर में सनसनी खेज के 8 मामलों में 6 आरोपियों को मिला आजीवन कारावास, 2 को मृत्युदंड व घूस लेने वाले सात भ्रष्ट्राचारियों को भी हुई सजा

 

By: dharmendra pandey

Published: 30 Dec 2018, 09:30 PM IST

कटनी. दो दिन बाद साल 2018 अलविदा हो जाएगा, लेकिन त्वरित न्याय दिलाने के मामले में यह साल जिले के लिए यादगार बन गया। जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा पांच साल की मामूस के साथ हुए बलात्कार के मामले में पांच दिन में आरोपी को फांसी दिए जाने का फैसला सुनाया। जो देशभर में चर्चा का विषय बना रहा। लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को अपने संबोधन में जिले की जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले का उल्लेख किया था और त्वरित फैसला करने के लिए जिले की अदालत का उदाहरण दिया था। जिला एवं सत्र न्यायालय में इस साल सनसनी खेज के 8 मामले रखे गए। इसमें मासूमों व महिलाओं के साथ बलात्कार व हत्या सहित अन्य प्रकरण शामिल है। सनसनी खेज के इन मामलों में दो आरोपियों को न्यायालय ने मृत्युदंड का फैसला सुनाया। जबकि 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिला अदालत ने सालभर में हत्या, बलात्कार, लूट व सनसनी खेज के 75 से अधिक मामलों में सजा का फैसला सनुाया है।
भ्रष्ट्राचार के मामले में सब इंस्पेक्टर, पीएचइ एसडीओ सहित कई गए जेल
जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रहे भ्रष्ट्राचार के मामले में इस साल का प्रदर्शन 100 फीसदी रहा। लोकायुक्त की अदालत में 12 माह में 7 प्रकरण कोर्ट में रखे गए। अदालत ने सभी मामलों में भ्रष्ट्राचारियों को सजा सुनाई। भ्रष्ट्राचार के मामले में जेल जाने वालों में सब इंपेक्टर, पीएचइ एसडीओ व लेखापाल, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल सिलौंड़ी का लेखापाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केमिस्ट व पटवारी शामिल है। रिश्वतखोरों को सलाखों के पीछे भिजवाने में सराहनीय प्रयास करने वाले विशेष लोक अभियोजक अभिषेक मेहरोत्रा को मप्र लोक अभियोजन संचालनालय द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा मामूस के साथ हुए बलात्कार के प्रकरण में पांच दिन के भीतर आरोपी को फांसी के तख्ते तक पहुंचाने वाले जिला अभियोजन अधिकारी हनुमंत किशोर शर्मा व अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह तारण को प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।

सीसीटीवी कैमरे से लेस हुआ कोर्ट परिसर
जिला एवं सत्र न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं होने के कारण चोरी की घटनाएं घटी थी। जिसके बाद साल 2018 में जिला न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। पूरे कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए। अब दिन हो या रात कोर्ट परिसर में आने व जाने वाले हर व्यक्ति पर कैमरे से नजर रखी जा रही है।

ये रहे चर्चित फैसले:
-पांच साल की मासूम के साथ बलात्कार करने वाले ऑटो चालक को पांच दिन के भीतर
न्यायाधीश ने फांसी का फैसला सुनाया।
-पांच माह के भीतर जिला अदालत ने दूसरी बार नाबालिक के साथ हुए बलात्कार व हत्या करने के मामले में फांसी की सजा सुनाई।
-पीएचई विभाग में पदस्थ एसडीओ ने फाइल में हस्ताक्षर करने के बदले 23 हजार रुपये की मांग की थी। 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अदालत ने आरोपी एसडीओ व बाबू को 4-4 साल की सजा व अर्थदंड से दंडित किया।
- कोतवाली थाना में उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ रहे जमील खान को लोकायुक्त पुलिस ने 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। विशेष न्यायालय ने 4 साल की सजा व 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में केमिस्ट रहे महेंद्र सिंह ने लाइसेंस जारी करने के मामले में बरगवां में खुली बर्तन इंड्रस्टीज के मालिक से 10 हजार रुपये की मांग की थी। 3500 रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने केमिस्ट को गिरफ्तार किया था। अदालत ने सजा का फैसला सुनाया था।

 

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