छह माह से आयुक्त कह रहे ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की बात, अबतक कलेक्टर के पास नहीं पहुंची फाइल, झिंझरी में बंद है मल्टी का काम

4 हजार 312 आवासों के निर्माण में गंभीर बेपरवाही, प्रेमनगर में भी चल रहा धीमा काम, अभी तक मात्र 432 फ्लैट ही बने, वे भी आधे-अधूरे, नोडल अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी खड़े हो रहे सवाल

By: balmeek pandey

Updated: 30 Jul 2021, 09:24 PM IST

कटनी. केंद्र सरकार द्वारा जरुरतमंदों को पक्की छत मुहैया कराये जाने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर निगम कटनी द्वारा गंभीर बेपरवाही की जा रही है। इससे बड़ी बेपरवाही क्या हो सकती है कि झिंझरी में मल्टी बनाने वाला ठेकेदार लगभग दो साल से करोड़ों रुपये अधिक भुगतान लेने के बाद काम बंद किए हुए है। हैरानी की बात तो यह है कि इसमें नगर निगम के अफसर ठेकेदार को नोटिस जारी करने व ब्लैक लिस्टेड करने की बात कह रहे हैं, आपको जानकर ताज्जुब होगा कि यह राग आयुक्त द्वारा छह माह से अलापा जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। 1512 आवासों के निर्माण को अधर में छोड़ दिया गया है व केंद्र सरकार की योजना को पलीता लगा दिया गया है। ननि के अफसर कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।

ऐसे समझें योजना के बारे में
- झिंझरी और प्रेमनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 हजार 312 आवासों का कराया जाना है निर्माण।
- योजनाओं में 3022.99 करोड़ रुपये हो रहे खर्च, शासन से योजना में पहली किश्त 950 लाख, 724 लाख की दूसरी किश्त हो चुकी है प्राप्त।
- झिंझरी में 7900 व प्रेमनगर में 4500 वर्गमीटर व्यवसायिक भूमि बेचकर जुटानी थी राशि, लीज में ननि के पास जमीन, मद परिवर्तन न होने से विक्रय पर अडंग़ा।
- 2 वर्ष में 3-3 माह कोविड के चलते बंद रहा है काम, इसके बाद भी नहीं बन पाईं दोनों मल्टियां, हितग्राही काट रहे चक्कर।
- 1150 हितग्राहियों से प्रेमनगर में आवास देेन के लिए जमा करा लिए गए हैं 20-20 हजार रुपये, फिर भी नहीं दिए जा रहे आवास।

मात्र 1150 आवेदन
हैरानी की बात तो यह है कि प्रेमनगर में नगर निगम द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1412 इडब्ल्यूएस फ्लैट बनवाए जा रहे हैं। 3 साल से अधिक का वक्त बीतने के बाद भी नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी आवदेन तक पूरे नहीं मंगवा पाए। अभी तक मात्र 1150 लोगों ने ही प्रेमनगर में बन रही मल्टी में फ्लैट लेने के लिए आवदेन किया है।

यह है प्रेमनगर मल्टी की स्थिति
प्रेमनगर में 2800 पीएम आवास बनने हैं। यहां पर इडब्ल्यूएस के 1744 जिसमें जी/पी+3, एलआइजी के 1056 पी+6 बनने थे, लेकिन अब 1412 ही नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे हैं। टेंडर लागत 196.53 करोड़, एग्रीमेंट लागत 205.53 करोड़ है। डेढ़ साल पहले ही मियाद पूरी हो गई है, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ। 432 अवास ही बने हैं। 160 लोगों के बैंक से ऋण स्वीकृत हुए हैं। नगर निगम द्वारा 106 लोगों को पजेशन देेने का दावा किया जा रहा है।

यह है झिंझरी भवनों की कीमत
इडब्ल्यूएस- 2 लाख रुपये
एलआइजी- 16.50 लाख रुपये
एमआइजी- 25.25 लाख रुपये
व्यवसायिक- 11 हजार स्क्वायर मीटर।

झिंझरी में ठप पड़ी योजना
झिंझरी में 1512 आवासों का निर्माण होना है। यहां पर इडब्ल्यूएस के 792 जिसमें जी/पी+3, एलआइजी के 384 पी+6 व एमआइजी के 336 पी+6 फ्लैट बनने हैं। 113.05 करोड़ की टेंडर लागत व एग्रीमेंट लागत 117.46 करोड़ रुपये तय की गई थी। 30 नवंबर 2017 से 18 माह में काम पूरा करना करना था। लेकिन ठेकेदार बीआरपी एसोसिएट बलराम शुक्ला ने काम समय पर नहीं किया और एमआइसी ने 29 मई 2020 तक के लिए वर्षाकाल छोड़कर 8 माह के लिए बढ़ाने पैरवी भी की, 6 माह कोरोना के कारण बढ़े, 4 करोड़ रुपये अधिक का भुगतान अधिक कर दिया गया है, इसके बाद भी ठेकेदार दो साल से काम बंद किए हुए है।

इनका कहना है
प्रेमनगर में काम ठीक चल रहा है। झिंझरी में ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की फाइल तैयार हो गई है। उसे कलेक्टर के पास एक-दो दिन में भेजना है। शीघ्र ही इसमें प्रभावी कार्रवाई कर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। कोविड के कारण भी काम प्रभावित हुआ है।
सत्येंद्र धाकरे, आयुक्त ननि।

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