
जेल में टीवी
शिवनंदन साहू
कौशाम्बी . जेल कैदियों के लिये सजा से ज्यादा उन्हें सुधारने का जरिया भी होता है। जेल का अकेलापन ही उनकी सजा होती है। बाहर की दुनिया में क्या हो रहा है, इस बात से वो बिल्कुल बेखबर रहते हैं। वहां उन्हें अपने केस की जानकारी और सजा का दिन गिनने के अलावा अकेलेपन में कोई और काम नहीं होता। बाहरी दुनिया की खबरों की तो छोड़िये मनोरंजन तक को तरस जाते हैं। फिल्में आती हैं, चली जाती हैं, उन्हें पता ही नहीं चलता। पर अब कैदी जेल में भी फिल्में देख पाएंगे उनका मनोरंजन हो पाएगा।
जेल की सजा वहां का अकेलापन होता है, जो काटने को दौड़ता है। जेल में एक-एक पल गुजारना मुश्किल होता है। ऐसी तन्हाई में कैदियों के जेहन में अच्दे और बुरे कई तरह के खयाल आते हैं। पश्चाताप का विचार भी आता है और बदले की भावना भी जागृत हो सकती है। ऐसी स्थिति में इस बात का खयाल रखा जाता है कि जेल में कैदियों को पश्चाताप हो और लगातार सुधार होता रहे। ताकि जब वह जेल से छूटकर जाएं तो समाज में शांतिपूर्ण तरीके से अपना जीवन व्यतीत कर सकें। इसके लिये वहां उन्हें धार्मिक बातें भी बतायी जाती हैं और ऐसी फिल्में भी दिखाने की कोशिश होती है जो उन्हें इस बात का एहसास दिला सकें कि जिस काम को करके वह जेल में बंद हैं वो बुरा है।
सभी 15 बैरकों में लगनी शुरू हुई एलईडी टीवी
कैदियों के मनोरंजन के लिए कौशाम्बी जिला जेल के सभी 15 बैरकों में एलईडी टीवी लगाए जा रहे हैं। जिला जेल के कैदियों के जीवन में एक और बदलाव शुरू हो गया है। जेल के अंदर रहते हुये भी कैदी देश दुनिया की खबरों से रूबरू होते रहेंगे। बंदियों की सुविधा के लिए जिला जेल के बैरकों मे एलईडी टीवी लगा दिये गए हैं। 15 बैरकों में तकरीबन 600 कैदी बंद हैं। यहां अभी तक किसी भी बैरक मे टीवी नहीं लगी थी। इसके कारण कैदियों को मनोरन्जन का कोई संसाधन नहीं मौजूद था। इस समस्या को देखते हुये जेलर बीएस मुकुन्द ने कारागार मुख्यालय को पत्र भेजकर 15 एलईडी टीवी लगवाने की मांग की थी। बुधवार को शासन की ओर से 15 एलईडी टीवी जिला कारागार पहुंच गए। जेलर ने बताया की सभी बैरकों मे टीवी लगने का काम शुरू हो गया है। अब जिला कारागार के कैदी भी देश दुनिया के समाचार देखने सुनने के अलावा पसंद की फिल्मे व गाने भी देख सकेंगे। टीवी के जरिये कैदियों का मनोरंजन होगा।
अग्निशमन यंत्र भी लगाए गए
जिला कारागार मे आग लगने जैसी स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी| इसके लिए भी जेलर बी एस मुकुन्द ने शासन को पत्र भेजा था| पिछले महीने 15 अग्निशमन यंत्र आए थे जिन्हे उचित स्थानों पर लगाए गए थे| मांग के अनुसार 10 और अग्निशमन यंत्र आ गए हैं जीन्हें जिला कारागार के विभिन्न स्थानों पर लगाए जाएंगे।
BY Shivnandan Sahu
Published on:
24 Nov 2018, 10:15 AM IST
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