जिला मुख्यालय के दमकल के भरोसे नगर पंचायत पिपरिया

नगर पंचातय पिपरिया सहित आसपास गांव के शत् फीसदी आबादी आगजनी पर काबू पाने के लिए जिला मुख्यालय के फायर ब्रिगेड के भरोसे है। इसके चलते घटना होने पर आग बुझाने के लिए दमकल वाहन देर से पहुंचता है। तब तक सबकुछ जलकर खाक हो चुका रहता है।

By: Panch Chandravanshi

Published: 13 May 2019, 04:04 PM IST

कवर्धा. गर्मी के दिनों में आगजनी का खतरा बना रहता है। ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड वाहन का होना अनिवार्य है। किंतु यह नगर पंचायत पिपरिया का दुर्भाग्य है, जो दशकों बाद भी आगजनी से निपटने के लिए जिला मुख्यालय के दमकल के भरोसे है। लाखों की आबादी वाले इस नगर पंचायत में एक भी फायर ब्रिगेड नहीं है।
पिपरिया को नगर पंचायत का दर्जा मिले सालों बित गए हैं, लेकिन यहां आज भी आपदा से निपटने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं हैं। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि दशकों बाद भी यहां एक अग्निशमन वाहन नहीं है। जबकि नगर पंचायत से 30 किलोमीटर दूर तक गांवों की बसाहट है। गर्मी में आए दिन आगजनी की घटनाएं होती रहती है। लेकिन इससे निपटने के लिए यहां दमकल वाहन तक नहीं है। नगर पंचातय पिपरिया सहित आसपास गांव के शत् फीसदी आबादी आगजनी पर काबू पाने के लिए जिला मुख्यालय के फायर ब्रिगेड के भरोसे है। इसके चलते घटना होने पर आग बुझाने के लिए दमकल वाहन देर से पहुंचता है। तब तक सबकुछ जलकर खाक हो चुका रहता है। कभी-कभी तो वीआईपी ड्यूटी के कारण फायर ब्रिगेड पहुंच भी नहीं पाती। बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन द्वारा आज पर्यंत इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
दूरी अधिक, समय पर नहीं पहुंच पाते दमकल
नगर पंचायत पिपरिया व आसपास गांवों में आगजनी की कई घटना हो चुकी है। गर्मी के दिनों में ज्यादातर गन्ना के खेतों में आगजनी की घटना सामने आती है। विद्युत तारों में शार्ट सर्किट के चलते उठने वाली चिंगारी भीषण रुप धारण कर लेते हैं, क्योंकि आग बुझाने के लिए दमकल वाहन समय पर नहीं पहुंच पाते। कुछ दिन पहले ग्राम गोपालभवना में गन्ना फसल में आगजनी हुई थी। फायर ब्रिगेड को सूचना देने पर भी नहीं पहुंचा। इसी तरह अलग-अलग गांवों में आगजनी की घटना सामने आई है, लेकिन जिला मुख्यालय से गांव की दूरी अधिक होने के कारण दमकल वाहन नहीं पाया।
सरकारी तंत्र कर रहे अनदेखी
यूं तो नगर में कई अफसर व बड़े नेता मौजूद हैं, जो खुद को जनता का हितैषी मानते हैं। वे विकास व निर्माण कार्यों के नाम पर रुपए लुटाने से भी नहीं हिचकिचाते। किंतु आज पर्यंत किसी ने भी आगजनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड का बंदोबस्त करने की नहीं सोंची। हैरत की बात है कि जिला मुख्यालय में बैठे अफसरों ने मामले की गंभीरता को हमेशा नजरअंदाज किया।

Panch Chandravanshi
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