एक करोड़ 19 लाख रुपए का जुर्माना, इधर 20 लाख रुपए में मामला रफा-दफा

कार्रवाई की मांग: 37 किलोमीटर पंडरिया-बजाग मार्ग का उन्नयन कार्य में अनियमितता

By: Yashwant Jhariya

Published: 05 Feb 2021, 10:06 AM IST

कवर्धा. वन मंत्री मोहम्मद अकबर के गृह जिले में एक करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाकर 20 लाख रुपए में मामला रफा दफा कर दिया गया। इस मामले पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) द्वारा उच्च स्तरीय जांच कराने और संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मामला पंडरिया-बजाग मार्ग का उन्नयन कार्य का है। 8948.51 लाख रुपए की लागत से सडक़ निर्माण किया जा रहा है। सडक़निर्माण जब से प्रारंभ हुआ, तब से हमेशा विवादों में रहा है। कभी घटिया मटेरियल का उपयोग करना, तो कभी स्टीमेट के आधार पर कार्य न करने का आरोप लगता रहा है। इस बार मामला अत्यधिक गंभीर है। उक्त रोड निर्माण में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे) द्वारा 30 नवंबर 2019 को शिकायत किया गया था कि ठेकेदार द्वारा वन संपदा का दोहन करते हुए वन संपति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शिकायत पर जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति के सदस्य उपवन मंडल अधिकारी पंडरिया द्वारा शिकायत में दर्ज आरोप को सही बताते हुए ठेकेदार द्वारा 29976.50 घन मीटर मिट्टी, मुरुम व मिट्टी युक्त बोल्डर उत्खनन होना पाया गया। साथ ही सम्पूर्ण मात्रा का उपयोग ठेकेदार द्वारा रोड निर्माण कार्य में उपयोग करना बताया। इसकी कुल राशि 59 लाख 95 हजार 300 रुपए होता है। इस पर दोगुना जुर्माना राशि वसूली का प्रावधान के तहत एक करोड़ 19 लाख 90 हजार 600 रुपए निर्धारित किया गया। यह राशि पीडब्ल्यूडी के माध्यम से ठेकेदार से वसूला जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। शिकायत 30 नवंबर 2019 को किया गया, जबकि डीएफओ द्वारा 16 अप्रैल 2020 को स्थल निरीक्षण करने की बात कही गई। पांच बाद बाद स्थल निरीक्षण करने पर अनियमितता दिखाई देगी क्या। बिना किसी जांच पड़ताल के शासकीय राशि का बंदरबाट किया गया। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ छात्र संगठन जे ने मामले की शिकायत वनमंत्री मो. अकबर के कवर्धा स्थित विधायक कार्यालय व कलेक्टर से की है। शिकायत में वनमंडलाधिकारी व ईई लोक निर्माण विभाग के ऊपर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ दोनों अधिकारी पर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए निलंबन की मांग की गई है।

जनता कांग्रेस जे के प्रदेशाध्यक्ष का आरोप
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे) छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारियों ने पहले तो 1 करोड़ 19 लाख 90 हजार 600 रुपए जुर्माना भुगातन के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को पत्र लिखा, लेकिन बाद में यह राशि 20 लाख रुपए में पहुंच गई। कुछ दिनों के भीतर ही 20 लाख रुपए वन विभाग के सरकारी खाते में जमा कर दिया जाता है। जबकि उक्त प्रकरण में पूरे 119.90 लाख रुपए जमा कराया जाता। वन विभाग के डीएफओ और पीडब्ल्यूडी के ईई की मिलीभगत से इसमें खेल कर दिया गया।
वनमंडलाधिकारी की सफाई
मामले को लेकर वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने कहा कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह निराधार है। फॉरेस्ट कन्जरवेशन एक्ट 1980 के तहत इस रोड के निर्माण के लिए मिनिस्टरी ऑफ फारेस्ट एंड इनवायरमेंट से विधिवत आवेदक संस्थान को अनुमति प्राप्त है। शुरूवात में जांच टीम ने 59 लाख का फाइन बनाया गया था, जिसके अनुसार दोगुना जुर्माना लगाया गया। काम शुरू करने से पहले वनमंडलाधिकारी को सूचना नहीं दिया गया था। इसके लिए संबंधित संस्थान को जुर्माना पटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिसे चालान के माध्यम से सरकारी खाते में जमा कर दिया गया है।

Yashwant Jhariya Bureau Incharge
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