महंगाई के चलते उज्ज्वला के सिलेण्डर खाली पड़े

महंगाई के चलते उज्ज्वला के सिलेण्डर खाली पड़े

Yashwant Kumar Jhariya | Publish: Sep, 09 2018 11:45:38 AM (IST) Kawardha, Chhattisgarh, India

कबीरधाम जिले में गांव-गांव बांटे 84 हजार सिलेण्डर और चूल्हे, 15 फिसदी ग्रामीण भी नहीं करा पा रहे रिफलिंग, गांवों से काफी दूर हैं रिफलिंग सेंटर

कवर्धा . बढ़ती महंगाई शासन की ही योजनाओं पर पानी फेर रहा है। उज्ज्वला योजना से बेसक ग्रामीण व गरीब महिलाओं को धुएं से छुटकारा मिलता, लेकिन बढ़ते सिलेण्डर के दाम ने टंकी पर बड़ा रिसाव कर दिया है। जिले में उज्ज्वला योजना के तहत अब तक प्रशासन ने निर्धारित दर पर 84 हजार सिलेण्डर व चूल्हे का वितरण कर चुके हैं। लोग इसका भरपूर उपयोग भी कर रहे हैं, लेकिन जैसे दो से तीन माह में सिलेण्डर खत्म होता है इसे एक कोने में रखकर फिर से वही मिट्टी का चूल्हा और लकड़ी का उपयोग शुरू कर देते हैं। कारण है महंगाई और रिफलिंग सेंटर का न होना। सितंबर में सिलेण्डर रिफलिंग के दाम बढ़कर 896 रुपए हो गया, जिससे उपभोक्ता कतराने लगे हैं। इसके चलते ही जितना सिलेण्डर वितरण किया गया उसका १५ फीसदी भी रिफलिंग नहीं हो पा रहा है। इससे शासन को बड़ा झटका पहुंच रहा है।

रिफलिंग सेंटर भी नहीं
खाद्य विभाग और एजेंसी गांव-गांव में जाकर हितग्राहियों को सिलेण्डर वितरण कर रहे हैं। इससे लोगों को योजना का घर पहुंच सेवा उपलब्ध हो रही है, लेकिन सिलेण्डर भरवाने के लिए रिफलिंग सेंटर नहीं होने से ग्रामीण मायूस हैं। क्योंकि वनांचल में रिफलिंग सेंटर 25 किमी तक दूर हैं।
अब मिलेगा ५ किलो का सिलेण्डर
वितरित सिलेण्डर का वजन 14.2 किलोग्राम है। इसे रिफलिंग के लिए ग्रामीण लंबी दूरी तय नहीं कर सकते। वहीं रिफलिंग पर राशि भी अधिक खर्च हो रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब ५ किलो के सिलेण्डर विरतण कर रहैं। इससे रिफलिंग क ेलिए दाम भी कम देना होगा और इसे आसानी से कभी लाया ले जाया सकता है। कबीरधाम में इसकी शुरुआत जल्द ही होगी।

1.11 लाख लोगों को मिलेगा सिलेण्डर
खाद्य विभाग को उज्ज्वला योजना के तहत अब तक एक लाख 11 हजार 181 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसमें से विभाग की ओर से 84 हजार 338 सिलेण्डर का वितरण किया। वहीं जो आवेदन प्राप्त हो रहे हैं उनकी बीपीएल राशन कार्डधारी की जांच कर तुरंत ही सिलेण्डर दिया जा रहा है।
सालभर में 10 सिलेण्डर
सामान्य उपभोक्ताओं को साल में 20 सिलेण्डर देना होता है। वहीं उज्ज्वला योजना में 10 सिलेण्डर निर्धारित है,क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में सिलेण्डर की उपयोगिता कम रहती है। वहीं यदि 5 किलो वाला सिलेण्डर वितरण होगा तो उन्हें साल में 34 सिलेण्डर मिलेगा। क्योंकि यह जल्दी खत्म हो जाते हैं।
खाद्य नियंत्रक डॉ. एलएल बंजारा ने बताया कि रिफलिंग को लेकर वनांचल क्षेत्रों में समस्या है। इसे देखतेे हुए ही शासन 5 किलो वजनी सिलेण्डर देने का फैसला किया है। इसका वितरण जिले में जल्द ही किया जाएगा।

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