कवर्धा: तहसील कार्यालय में किसानों से 100-100 रुपए रिश्वत लेते वीडियो वायरल, जिला प्रशासन में मचा हड़कंप

किसान सम्मान निधि के नाम पर किसानों से पैसा उगाही की जा रही है। वह भी तहसील कार्यालय में खुलेआम। किसानों ने रिश्वत लेते हुए ऑपरेटर का वीडियो बनाया और उसे वायरल किया। इसके बाद तहसील से लेकर एसडीएम कार्यालय तक हड़कंप मचा गया है

By: Dakshi Sahu

Published: 17 Oct 2020, 01:33 PM IST

कवर्धा. किसान सम्मान निधि के नाम पर किसानों से पैसा उगाही की जा रही है। वह भी तहसील कार्यालय में खुलेआम। किसानों ने रिश्वत लेते हुए ऑपरेटर का वीडियो बनाया और उसे वायरल किया। इसके बाद तहसील से लेकर एसडीएम कार्यालय तक हड़कंप मचा गया है और अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं। मामला सहसपुर लोहारा तहसील कार्यालय का है। जहां पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीयन कराने का भी पैसा देना पड़ रहा है।

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किसानों ने बनाया रिश्वत लेते वीडियो
ग्राम दसलाटोला के किसान संजय साहू, जितेन्द्र साहू, शत्रोहन साहू का आरोप है कि सहसपुर लोहारा के तहसील ऑफिस में कम्प्यूटर ऑपरेटर मनोज विश्वकर्मा द्वारा प्रत्येक किसानों से सम्मान निधि के पंजीयन और सुधार के लिए 100-100 रुपए लिया जाता है। जबकि यह कार्य मुफ्त में किया जाना है, लेकिन अधिकारियों का संरक्षण पाकर तहसील कार्यालय जैसी जगह पर रिश्वत लेने का कार्य किया जा रहा है। किसानों ने रिश्वत लेने वाले ऑपरेटर का दो दिनों तक वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया। इसके बाद किसान एकजुट हो चुके हैं कि ऑपरेटर को निलंबित किया जाए। क्योंकि आरोप है कि रोजाना ही कई दर्जन किसानों से इस तरह रिश्वत लिया जाता है। और यह लंबे समय से चल रहा है। अब तक न जाने कितने किसानों से यह इस तरह से उगाही कर चुका होगा।

भ्रष्ट कर्मचारी को हटाने की मांग की
भारतीय किसान संघ के सहसपुर लोहारा के ब्लॉक अध्यक्ष संजय साहू और अन्य किसानों ने कहा कि भ्रष्ट कर्मचारी को अगर नहीं हटाया गया तो भारतीय किसान संघ तहसील ऑफिस में धरना प्रदर्शन करेगा। प्रधानमंत्री सम्मान निधि का पंजीयन और सुधार कार्य पंचायतों में शिविर लगाकर किया जाना चाहिए। किसान अपना खेती-किसानी का कार्य छोड़कर तहसील कार्यालय पहुंचते हैं उसमें भी उन्हें रिश्वत देना पड़ता है। विपुल गुप्ता, एसडीएम कवर्धा-सहसपुर लोहारा ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच में लेनदेन की बात सही पाई जाती है तो ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का मिल रहा संरक्षण
तिलईभाट के किसान गणेश वर्मा, सुखचैन वर्मा का कहना है कि एक कम्प्यूटर ऑपरेटर बिना अधिकारियों के संरक्षण के यह कार्य नहीं कर सकता, वह भी तहसील कार्यालय में। जहां पर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार का आना-जाना हमेशा लगा रहता है। अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ इसके चलते ही तो ऑपरेटर खुलेआम किसानों से छोटे-छोटे कार्य के लिए 100 और 200 रुपए तक मंाग करता है।

तहसील कार्यालयों में सीसीटीवी जरुरी
रिश्वत लेन-देन का मामला सबसे अधिक राजस्व संबंधित मामलों में ही होता है। वहीं रिश्वत की यह बात किसी एक तहसील तक सीमित नहीं है। इसके चलते ही राजस्व संबंधित सभी अधिकारी और जिला प्रशासन पर उंगली उठती है। ऐसे में जिला प्रशासन को इसमें सख्त पहल करने की आवश्यकता है। एक तो तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय के प्रत्येक कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता है, जिसका डिस्प्ले कार्यालय परिसर में ही होता रहे। इससे कार्यालय की सुरक्षा पर नजर रखी जा सकेगी और कर्मचारिचों में भय बनी रहे।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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