शासकीय कार्यालयों में रहा लॉक डाउन, पसरा रहा सन्नाटा

-चार सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की एक दिनी हड़ताल
-अधिकारियों, कर्मचारियों ने स्टेडियम ग्राउंड में बनाई मानव शृंखला

खंडवा.
मप्र अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के आंदोलन के तृतीय चरण में गुरुवार को जिले के सभी शासकीय अधिकारी कर्मचारियों ने एक दिनी सामूहिक अवकाश लिया। जिला मुख्यालय पर कलेक्टर कार्यालय, जिला कोषालय, वन मंडल कार्यालय सहित सभी शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। तहसील मुख्यालय एवं ब्लॉक मुख्यालयों पर भी बंद का असर रहा। अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा खंडवा द्वारा पंचायत कर्मचारी संयुक्त मोर्चा को समर्थन देते हुए स्टेडियम ग्राउंड में मानव शृंखला बनाकर प्रदर्शन किया गया।
मप्र अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार पूरे प्रदेश के साथ खंडवा जिले में भी अधिकारियों कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश का आवेदन दिया। कर्मचारी आंदोलन में ऐसा पहली बार हुआ है कि कलेक्ट्रेट में भी सारे अधिकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे और जिला कार्यालय पूरी तरह से बंद रहा। संयुक्त मोर्चा प्रवक्ता एवं जिलाध्यक्ष मप्र राज्य कर्मचारी संघ प्रफुल्ल मंडलोई ने बताया कि संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष शिव चांद्रायण, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मंगलेश उपाध्याय, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ सचिव बी.डी.मौर्य, राज्य कर्मचारी संघ अध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा सहित संयुक्त मोर्चा सदस्य अनिल पूर्वे, राजेंद्र राठौर, नितिन मारकंडे, मदन जायसवाल,संतोष करनोर एवं अन्य ने सभी कार्यालय में भ्रमण किया।
ये है प्रमुख मांगें
संयुक्त मोर्चा आंदोलन के कारण शासन ने वर्ष 2020 की वेतन वृद्धि शासकीय सेवकों को दी है पर उसका एरियर नहीं दिया। संयुक्त मोर्चा की है मांग है कि 2020 की वेतन वृद्धि का एरियर, केंद्र के समान 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता, केंद्र के समान मकान भाड़ा भत्ता मप्र के शासकीय अधिकारी कर्मचारियों को दिया जाए। साथ ही विगत कई वर्षों से रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। यदि इस ऐतिहासिक हड़ताल के बाद भी शासन ने ये न्यायसंगत मांगें पूरी नहीं की तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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