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विशेष खबर: रक्षाबंधन का नेक मांगने निकलने थे, पढ़ें आखिर क्या किया किन्नरों ने

यहां हर त्योहार पर मांगने आते है नेक
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Kerala floods

Kerala floods

खंडवा. ऐसा बहुत ही विरले देखने को मिलता है कि कोई कहीं कुछ लेने गया और अपने पास जो था वो भी देकर आ गया। ये होता है इंसान के मन में प्रेेम, परोपकार की भावना के रहते हुए। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को हुआ, जब कुछ किन्नर नेग मांगने एक घर में पहुंचे। यहां केरल बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए कपड़े जमा करने का काम चल रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर किन्नरों ने भी नेकी के काम में हाथ बटाने के लिए अपने पास जो राशि थी वो ही दान में दे दी।
लायंस क्लब द्वारा केरल बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए कपड़े, अन्य सामग्री, नकद राशि जमा करने का अभियान शुरू किया जाना है। इसको लेकर लायंस सचिव संजय विधानी अपने घर में पुराने कपड़ों को बाढ़ पीडि़तों के लिए निकाल कर जमा रहे थे। इस बीच राखी का नेग मांगने फकीर मोहल्ला स्थित किन्नर कमला, पिंकी गुरु सितारा, सोनी गुरु पिंकी, पिंकी गुरु पूनम वहां पहुंचे। विधानी ने उन्हें रुकने को कहा। कपड़े के ढेर को देखकर शिक्षित किन्नर पिंकी गुरु सितारा ने इसकी जानकारी ली। विधानी ने बताया कि केरल बाढ़ पीडि़तों के लिए दान दिया जाना है। जिसके बाद सभी किन्नरों ने अन्य घरों से ली गई नेग की राशि केरल बाढ़ पीडि़तों के लिए दान दे दी। इस मौके पर लायंस झोन पर्सन प्रशांत रामस्नेही, अध्यक्ष महेश पटेल भी मौजूद थे।
संजय विधानी ने बताया कि लायंस द्वारा बाढ़ पीडि़तों के लिए वस्त्र इकट्ठा कर रहे थे। इस दौरान ये किन्नर आए, पूर्व में भी आते रहते है, परीचित होने के कारण जानकारी दी। उन्होंने स्वेच्छा से दान करने का निर्णय लिया। इस तरह की इंसानियत सभी को दिखाना चाहिए। किन्नर पिंकी ने बताया कि टीवी, फेसबुक, यू-ट्यूब पर बाढ़ के बारे में बहुत देख सुन रहे थे। मन में इच्छा थी मदद करने की, लेकिन जानकारी नहीं थी कि कैसे मदद करे। विधानी परिवार में नेग मांगने आए तो पता चला कि ये लोग बाढ़ पीडि़तों की मदद करने के लिए वस्त्र, सामग्री, रुपए आदि जमा कर रहे है। हमारे पास तत्काल में जो भी राशि थी हमने दे दी। किन्नर भी इंसान ही होते है, कुछ गलत किन्नरों की वजह से हमारा समाज बदनाम है, सभी एक जैसे नहीं होते।