4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ड्राइवर व गॉर्ड बदलने रूक रही जंक्शन पर टे्रन, फिर नहीं मिल रहा स्टॉपेज

खंडवा. रेलवे ने हाल ही में नांदेड़-जम्मू हमसफर ट्रेन का परिचालन शुरू किया है। इस ट्रेन को खंडवा जंक्शन पर स्टॉपेज नहीं दिया गया, लेकिन जंक्शन पर यह ट्रेन ड्राइवर और गॉर्ड की अदला-बदली के लिए रोकी जा रही है। इस दौरान करीब दो से पांच मिनट तक गाड़ी स्टेशन पर खड़ी रहती है। बावजूद इसके स्टेशन पर ट्रेन का कामर्शियल हॉल्ट नहीं दिया जा रहा है। मंडल रेलवे परामर्शदात्री समिति सदस्य मनोज सोनी ने बताया रेलमंत्री ने 5 अक्टूबर से नांदेड़-जम्मूतवी हमसफर साप्ताहिक ट्रेन चलाई है। इस ट्रेन को खंडवा स्टेशन पर स्टॉफ हॉल्ट देकर ड्राइवर व गार्ड स्टॉफ की अदला-बदली हो रही है, लेकिन कॉमर्शियल हाल्ट नहीं होने से यात्रियों को टिकट जारी नहीं किए जा रहे हैं। जिस कारण यात्री सफर करने में इस ट्रेन की सुविधा से वंचित हैं। इसके अलावा रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है। ठीक इसी तरह के हालात नांदेड़-निजामुद्दीन साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के हैं। समिति सदस्य सोनी ने स्टॉफ हॉल्ट के आधार पर दोनों ट्रेनों को कॉमर्शिलय हॉल्ट खंडवा में दिए जाने की मांग को लेकर रेलमंत्री पीयूष गोयल, महाप्रबंधक सेंट्रल रेलवे मुंबई, डीआरएम भुसावल को पत्र लिखा है। साथ ही ट्वीट कर मांग की है। इसके साथ ही अन्य ट्रेनों के स्टापेज को लेकर भी पूर्व में कई बार मांग उठ चुकी है। स्टेशन में लंबी दूरी के ट्रेनों का स्टापेज होना चाहिए, जिससे यहां के लोगों को भी सुविधा मिल सके। कुछ ट्रेन जो सप्ताह में एक बार ही चलती है उन ट्रेनों का स्टापेज या फेरा खंडवा में किया जाना चाहिए।  
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

खंडवा

•

image

RAHUL GANGWAR

•

Updated: 21 Oct 2018, 12:19 PM IST

patrika

patrika

रेल दुर्घटना मृतकों को मंच ने दी श्रद्धांजलि

खंडवा. सद्भावना मंच द्वारा अमृतसर में हुई भीषण रेल दुर्घटना में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंच अध्यक्ष प्रमोद जैन, साहित्यकार डॉ. जगदीश चंद्र चौरे द्वारा शासन-प्रशासन व अनुशासन तीनोंकर्ताओं से सतर्कता बरते जाने का अनुरोध किया ताकि आगे इस तरह की पुनरावृत्ति ना हो। सभी ने हादसे को अत्यंत दुखदाई बताया और कहा कि हादसे में जो मृत हुए हैं वे वापस तो नहीं आ सकते, परंतु मंच के सदस्य पीडि़त परविार के साथ है। अमृतसर का हादसा शासन, प्रशासन व सरकार के लिए एक सबक की तरह होना चाहिए। हालांकि हमारे यहां कई हादसे हुए हैं, परंतु यहां हादसा बहुत बड़ा है, जिससे हम सभी सीख लेना होगी ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हो सके। श्रद्धांजलि सभा में मंच के देवेंद्र जैन, अतुलसिंह रावत, चंद्र कुमार सांड, निर्मल मंगवानी, एके दवे, कमल नागपाल, मुरली कोडवानी, वकील खान, चंद्रशेखर सोनी, हेमराज वाकोड़े व अन्य मौजूद थे।