लगा लोगों को हुजूम, वंदेमारतम का किया जयघोष

-चावला ग्राउंड पर दोपहर एक बजे भारत सुरक्षा मंच के बैनर तले सीएए के समर्थन में हुआ एकत्रिकरण, राष्ट्रगान हुआ
-10 हजार लोगों ने एक साथ गाया राष्ट्रगान, सीएए के समर्थन में लगाए नारे, ग्राउंड पर राष्ट्रीय पर्व जैसा माहौल, राष्ट्रभक्ति गीतों ने बांधा समां
-मंच पर गंगा-जमुनी तहजीब के हुए दर्शन, संतों के साथ पूर्व सैनिक आजाद खान ने साझा किया मंच

खरगोन.
राष्ट्रगीतों की धुन। लहराते तिरंगे। वंदेमातरम का जयघोष। राष्ट्रगान की संगीतमयी गंूज। सिर पर तिरंगा टोपियां और सीने पर ध्वज का बैच। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत यह नजारे डायवर्शन रोड स्थित चावला ग्राउंड पर देखने को मिले। अवसर था भारत सुरक्षा मंच के तत्वावधान में नागरिकता संशोधन कानून सीएए-2019 के समर्थन में हुई विशाल तिरंगा सभा व राष्ट्रगान का। मंच पर संतों के साथ पूर्व सैनिक आजाद खान ने मंच साझा किया तो गंगा-जमुनी तहजीब के भी दर्शन हो गए। जनता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जज्बे और जुनून के आगे शहर में शांति और अमन पहली प्राथमिकता है। इसी के चलते मंच ने कार्यक्रम की रूपरेखा में बदलाव किया और आयोजन को रैली की सूरत न देते हुए इसे सभा में बदला। तीन बजे तक चले इस आयोजन में शामिल हुए तमाम लोग राष्ट्रीयता की स्वरसलिता में गौते लगाते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत संतों के मंच आगमन से हुई। 30 संतों की मौजूदगी में करीब दस हजार लोगों ने सीएए का समर्थन किया और इस फैसले को राष्ट्रहित में बताया। कार्यक्रम के दौरान कराओके ट्रैक पर राष्ट्रीय गीतों की प्रस्तुति ने समा बांधा। संतों के स्वागत-सम्मान के बाद मैदान में मौजूद हर एक नागरिक ने तिरंगे की शान में अदब के साथ सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

अचानक भीड़ से भर गई सड़कें
दोपहर १२ बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर लोगों का आना शुरू हो गया। नियत समय तक मैदान खचाखच भर गया। सड़कों से होकर लोग तिरंगा लहराते हुए मैदान तक पहुंचे। इस समर्थन सभा में शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग आए। हर किसी के हाथ में तिरंगा और होठों पर वंदेमातरम और भारत माता की जय के नारे थे।

घर-घर दिया था न्यौता
भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़ और मीडिया प्रभारी प्रकाश भावसार ने बताया
भाजपा द्वारा सीएए पर राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान अंतर्गत घर-घर जनसंपर्क किया गया था। पैम्फ्लेट बांटे गए थे। संगोष्ठी हुई थी। प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के नाम हस्ताक्षरयुक्त आभार पत्र जुटाने सहित अनेक गतिविधियां संचालित की गई थी।

जनता गुमराह न हो, कानून के मायने समझे
कार्यक्रम में शामिल पूर्व सैनिक आजाद खान ने कहा- मैं अकेला क्या, देश में जिनते भी लोग रहते हैं सभी ने सीएए का समर्थन करना चाहिए। हम यहां के रहवासी हैं, यह देश हमारा है और यहीं रहेंगे। देश से बढ़कर हमारे लिए कुछ नहीं। कुछ लोग इसे लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा। मैं उन्हें कहना चाहता हंू कि पहले इस कानून के मायने समझें, गुमराह न हो। यदि आपको कुछ समझ में नहीं आ रहा तो हमारे देश में कई विद्वान है उनसे समझें, इस बात को गले उतारें तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

इस कानून को पहले ही लागू हो जाना था
महेश्वर से आए संत ह्रदयगिरी महाराज ने कहा- इस कानून को बहुत पहले ही लागू हो जाना चाहिए था। इसमे कोई बुराई नहीं। हमारी संस्कृति ही सर्वे भवंतु सुखिन वाली है। इस्लामिक देशों में रहने वाले अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं। माता-बहनों की अस्मिता पर आघात पहुंच रहा है। वह कहां जाएंगे। सदैव से सनातन संस्कृति ने सभी को साथ में लेकर चलने का संकल्प लिया है। हम वसुदेव कुटुंबकम को चरितार्थ करने वाले हैं। यदि उसी संस्कृति के लोग प्रभावित हो तो कहां जाएंगे। हमारी संस्कृति इस तरह सड़कों पर आने वाली नहीं है। लेकिन जब इस कानून का विरोध हुआ तो हमें निकलना पड़ा। जो लोग इसके समर्थन में नहीं है उसका तर्क शायद उनके पास भी नहीं। यह उनकी अपनी मजबूरी हो सकती है। हम केंद्र सरकार का साधुवाद करते हैं जो इस कानून को लागू किया।
फोटो केजी १७१० खरगोन. ह्रदयगिरी महाराज।

रैली का अंदेशा, प्रशासन रहा अलर्ट

बुधवार सुबह तक भी प्रशासन के सामने यह कार्यक्रम चुनौती बना रहा। अफसरों को अंदेशा था कि रैली निकाली जाएगी। लेकिन शहर में कोई अप्रिय घटना न हो और जिले में लागू धारा १४४ का भी उल्लंघन न हो इसे लेकर अनुमति के मुताबिक यह कार्यक्रम एकत्रिकरण और सभा तक सीमित रहा। हालांकि प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल तैनात किया था, लेकिन ऐसा कोई माहौल नहीं बना जिसकी वजह से शहर की फीजा पर कोई आंच आए।

लोगों पर चढ़ा राष्ट्रीयता व भारतीय संस्कृति का रंग
कार्यक्रम में शामिल तमाम लोग अपने अंदाज में चावला ग्राउंड पहुंचे। युवतियां सिर पर साफा बांध पहुंची तो युवाओं के हाथों में तिरंगा लहराता नजर आया। सेव व्यापारी गोपाल पाटीदार कार्यक्रम में बजरंगबली की वेशभूषा लेकर बाइक से पहुंचे। उन्हें देखने व उनके साथ सैल्फी लेने के लिए हर कोई आतुर दिखा।

इन संतों की रही मौजूदगी
मंच पर संत कृष्णानंद महाराज बजरंग मंदिर बमनाला, संत हृदयगिरी महाराज जगन्नाथधाम महेश्वर, संत भवानीशंकर महाराज कालिका मंदिर खरगोन, संत रूपसिंह खरते गायत्री परिवार, साध्वी साक्षी वात्सल्यधाम ओंकारेश्वर, संत दिगंबर हरभजनपुरी महाराज महात्रिवेणी अखाड़ा लोंदी, श्रीकृष्ण गिरीराज महाराज राजमंदिर सनावद, स्वामी रामेश्वरनंद महाराज राष्ट्रीय संत उपाध्यक्ष अभा संत समाज, कविता दीदी कथाकार हरीसत्संग समिति मालवा प्रांत, बापू विष्णु महाराज ओम शक्ति सेवाधाम मारुगढ़, ज्ञानी प्रदीपसिंह खालसा गुरुद्वारा खरगोन, संत गिरधारी महाराज राजमंदिर सनावद, संत दास सलवाड़ा, संत राघवानंद महाराज झिरन्या, स्वामी महंत संतोष दास महाराज बकदा, स्वामी कृष्णदास महाराज, महंत महेशानंद महाराज खलघाट, महंत किशनदास महाराज ठीकरी, बालकदास, महंत गोपाल महाराज आदि मंचासीन थे।

Gopal Joshi
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