बीते वर्ष पांच हजार वनाधिकार पट्टे हुए निरस्त, कलेक्टर बोले- यह अस्वीकृत नहीं होंगे, सत्यापन होगा

वनाधिकार पट्टों के सत्यापन और एमपी वन मित्र पोर्टल पर इंट्री को लेकर हुआ प्रशिक्षण

खरगोन जिन हितग्राहियों के वनाधिकारी पट्टे पहले निरस्त हो गए हैं, उनके लिए अब राहत की खबर है। ऐसे हितग्राहियों के निरस्त दावे अस्वीकृत नहीं किए जाएंगे। सत्यापन होगा। सत्यापन का जिम्मा वनाधिकार समिति का होगा। इस मामले को लेकर बुधवार को स्वामी विवेकानंद सभाहॉल में वनाधिकार पट्टों के सत्यापन और उसके बाद एमपी वनमित्र पोर्टल पर होने वाली वाली इंट्री को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। अध्यक्षता कलेक्टर गोपालचंद डाड ने की। कलेक्टर ने कहा- ग्राम वनाधिकार समिति पूर्व में निरस्त दावों का सत्यापन करने में सावधानी बरते। पूर्णत: निरस्त करने से पूर्व सारे दस्तावेज व रिकार्ड तय कर लें। पूर्व में निरस्त दावे अस्वीकृत नहीं करें। उनका तथ्यात्मक सत्यापन करें। दावा निरस्त करने से पहले स्वीकृत करने का कारण ठोस होना चाहिए। संबंधित दावें के संबंध में रिकार्ड ढंूढने का काम वन विभाग का होगा। पुराना रिकार्ड ठीक से जांचे। सत्यापन की जिम्मेदारी वनाधिकार समिति के सदस्य, सचिव, पटवारी, वनरक्षक और रोजगार सहायकों के पास होगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डीएस रणदा, वनमंडलाधिकारी जेएस भार्गव, बड़वाह वनमंडलाधिकारी सीएस चौहान, दोनों वन मंडलों के एसडीओ, सभी रेंजर व डिप्टी रेंजर उपस्थित रहे।
6226 निरस्त दावों का करना होगा सत्यापन
गत वर्ष करीब 5 हजार हितग्राहियों के वनाधिकार पट्टे निरस्त किए गए थे। अब वनमित्र पोर्टल पर अब तक 6226 दावों का सत्यापन कर वनमित्र पोर्टल पर इंट्री की जाना है। बुधवार को हुए प्रशिक्षण में ग्राम समिति की अनुशंसा, दस्तावेजों के एकत्रिकरण, सर्वे रिपोर्ट करने के बाद ही पोर्टल पर इंट्री किस तरह से की जानी है यह वन विभाग के अमले को बताया गया। यह प्रशिक्षण ई.दक्ष केंद्र के जिला प्रबंधक अमित वर्मा ने दिया।

rohit bhawsar Photographer
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