एक सरकारी नल पर निर्भर बागरिया बस्ती

एक सरकारी नल पर निर्भर बागरिया बस्ती

Himansu Dhawal | Updated: 04 Jul 2019, 03:29:08 PM (IST) Kishangarh, Ajmer, Rajasthan, India


तीन से चार दिनों में होती है जलापूर्ति
नल पर नंबर के लिए लगे रहते है बर्तन

मदनगंज-किशनगढ़. मकराना चौराहा के निकट प्रेमनगर बागरिया बस्ती में तीन-चार दिन में नाममात्र के पेयजल आपूर्ति के कारण स्थिति खराब होती जा रही है। सरकारी नल नंबर के लिए रात-दिन बर्तन लटके रहते है। इसके कारण स्थिति खराब होती जा रही है।


नगर के मकराना चौराहा स्थित प्रेम नगर में करीब 40-50 मकानों की बस्ती है। यहां पर पेयजल आपूर्ति का एकमात्र साधन सरकारी नल है। इसके अलावा यहां पर न तो हैडपंप है और ना ही अन्य सुविधा।इसके कारण लोगों को अजमेर-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को पार को दूसरी ओर से पानी लाना इनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है। तीन-चार दिन में कुछ देर पानी आने के कारण पर्याप्त नहीं पड़ता है। इसके कारण लोगों को टैंकरों का सहारा लेना पड़ता है। इससे स्थिति विकट होती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने पानी की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।


कई दिनों तक लगे रहते है नंबर
प्रेमनगर में एक मात्र सरकारी नल होने के कारण यहां पर पानी भरने के लिए नबर लगाने पड़ते है। इसके कारण पानी के लिए दो-तीन दिन तक बर्तन सरकारी नल के पास ही पड़े रहते है। पानी भरने के दौरान आपस में कहासुनी होना आम बात हो गई है।


रूपनगढ़ रोड कच्ची बस्ती में परेशानी
नगर के रूपनगढ़ रोड कच्ची बस्ती में भी पेयजल संकट है। स्थिति यह है कि सरकारी नल का पाइंट टूटा होने के कारण पाइप लगाकर पानी भरना पड़ता है। पानी भरने को लेकर मारपीट तक हो जाती है।

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