भामाशाह के कमरों का नहीं हो रहा उपयोग

भामाशाह के कमरों का नहीं हो रहा उपयोग

Kali Charan kumar | Updated: 03 May 2019, 01:21:27 PM (IST) Kishangarh, Ajmer, Rajasthan, India

कृष्णापुरी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आंगनबाड़ी का मामला

नगर के कृष्णापुरी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में भामाशाह की ओर से बनवाए गए कक्षों का उपयोग नहीं हो रहा है। विद्यालय प्रशासन इसे आंगनबाड़ी केंद्र संचालन के लिए देना चाहता है लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग इसे छोटा बता रहा है। कृष्णापुरी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में दो नए कक्ष बनवाए हुए महीना भर हो चुका है लेकिन अभी तक इनका उपयोग शुरू नहीं हुआ है। यहां विद्यालय प्रशासन इन कक्षों में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन चाहता है ताकि विद्यालय में कक्षा कक्ष का शैक्षिक उपयोग किया जा सके। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग इन कक्षों को छोटा मान रहा है।

मात्र छह कक्षा कक्ष
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में मात्र छह कक्षा कक्ष है। इनमे से एक कक्षा कक्ष में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन हो रहा है। यहां दो वर्ष पहले दो आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू होने पर यह शर्त थी कि विभाग अपना कक्ष स्वयं बनाएगा लेकिन विभाग की ओर से निर्माण नहीं करवाया जा सका। अब विद्यालय परिसर में स्टॉफ सदस्यों और भामाशाह के सहयोग से यह कक्ष बनाए जा चुके है। विद्यालय में कुल विद्यार्थी 131 है और शिक्षक-शिक्षिकाओं की संया 6 है लेकिन कक्षा कक्ष कम होने के कारण शैक्षणिक कार्य में परेशानी आती है।
बताए कक्ष छोटे
वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि यह कमरे छोटे है और सड़क पर है। इससे इनका उपयोग मुश्किल है फिर भी विभाग की ओर से यहां एक आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किए जाने की योजना है। इसके साथ ही एक अन्य आंगनबाड़ी केंद्र को दूसरे स्थान पर किराए के कमरों में स्थानांतरित किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को विद्यालय पूर्व शिक्षा दी जाती है और पोषाहार भी दिया जाता है।

 


इनका कहना है-
स्कूल में कक्षा कक्षों की कमी है। इसलिए इन कमरों का उपयोग होना चाहिए। यहां आंगनबाड़ी केंद्र खुल जाए तो राहत मिलेगी।
-भगवती प्रसाद कुमावत, प्रधानाध्यापक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कृष्णापुरी।
यह कक्षा कक्ष काफी छोटे है फिर भी इनका उपयोग किया जाएगा। एक आंगनबाड़ी केंद्र का इसमे संचालन होगा।
-धर्मेंद्र मीणा, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, किशनगढ़।

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