पूर्व माकपा सांसद हसन को पार्टी से निकाला

पूर्व माकपा सांसद हसन को पार्टी से निकाला

Prabhat Kumar Gupta | Publish: Jul, 13 2018 09:42:16 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

माकपा नेतृत्व ने पार्टी के पूर्व सांसद मैनुल हसन को शुक्रवार को पार्टी से जीवनभर के लिए निकाल दिया।

 

- पार्टी राज्य सचिव ने की घोषणा
कोलकाता.

माकपा नेतृत्व ने पार्टी के पूर्व सांसद मैनुल हसन को शुक्रवार को पार्टी से जीवनभर के लिए निकाल दिया। मुर्शिदाबाद जिला माकपा से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला किया गया। पार्टी राज्य सचिव डॉ. सूर्यकांत मिश्र ने राज्य मुख्यालय में इसकी औपचारिक घोषणा की। पूर्व सांसद के खिलाफ जमीन से संबंधित गंभीर शिकायत पार्टी के समक्ष विचाराधीन थी। पार्टी जांच कमीशन ने मामले की छानबीन कर पूर्व सांसद को दोषी पाया। हसन ने गत शनिवार को पार्टी नेतृत्व की आलोचना करते हुए पार्टी छोडऩे की घोषणा की थी। हसन 1998 और 1999 के मध्यावधि चुनाव में बहरमपुर से माकपा टिकट पर सांसद बने थे। वर्ष 2006 से 2012 तक राज्यसभा सांसद रहे। पार्टी राज्य सचिव डॉ. मिश्र ने संवाददाताओं को बताया कि पूर्व सांसद के खिलाफ मिली शिकायतों के मद्देनजर पार्टी नेतृत्व ने कार्रवाई के तौर पर उन्हें राज्य कमेटी से अलग कर दिया था। माकपा कंट्रोल कमीशन की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य कमेटी ने जिला कमेटी से रिपोर्ट तलब की थी। डॉ. मिश्र ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिला माकपा ने पूर्व सांसद के खिलाफ आरोपों को सही ठहराते हुए पार्टी से उनके निष्कासन की सिफारिश की है। डॉ. मिश्र ने कहा कि हसन हाल के चुनावों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक लाभ दिलाने में संलिप्त थे।
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सूर्यकांत ने दी पार्टी नेताओं को चेतावनी

- कहा, पार्टी की मुख्यधारा में रहकर संगठन के काम आएं या फिर पार्टी छोड़ दें
कोलकाता.

माकपा राज्य सचिव डॉ. मिश्र ने पार्टी के एक वर्ग पर भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया है। पंचायत चुनाव नतीजों पर जिलावार रिपोर्टों की समीक्षा के क्रम में पार्टी नेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे रहकर तृणमूल कांग्रेस के साथ साठगांठ रखने वाले नेता या तो वे पार्टी की मुख्यधारा में रहकर संगठन के काम आएं या फिर पार्टी छोड़ दें। राज्य कमेटी की बैठक के दूसरे व अंतिम दिन शुक्रवार को उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने तथा भाजपा और तृणमूल कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मुखर होने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के बाद राज्य मुख्यालय अलीमुद्दीन स्ट्रीट में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में डॉ. मिश्र ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने हाल में सम्पन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में माकपा का सूपड़ा साफ होने को गंभीरता से लिया है। पंचायत चुनाव नतीजों पर समस्त जिला कमेटियों से प्राप्त रिपोर्ट से स्पष्ट है कि पार्टी के एक वर्ग ने परोक्ष रूप से भाजपा का सहयोग किया है। ऐसा राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को सबक सिखाने के उद्देश्य से किया गया है। पार्टी के जमीनीस्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ऐसी सोच से माकपा को राजनीतिक नुकसान पहुंचा है। डॉ. मिश्र ने इसे आत्मघाती माना है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में विपक्ष के नाम पर भाजपा को कुछ इलाकों में लाभ मिला है। जबकि वाममोर्चा-कांग्रेस का जनाधार अप्रत्याशित रूप से कम हुआ है।

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