भाजपा के शहीद श्रद्धांजली दिवस दिलीप बोले , खुद ममता करवाती हैं इजराइली जासूसी सॉफ्टवेयर से फोन टैप

दिलीप घोष ने कहा कि मुकुल रॉय जब भाजपा में आए थे तब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपना फोन टैप करने का मामला किया था। खुद ममता बनर्जी और उनकी सरकार अपने विरोधियों के फोन टैप करने के लिए इजराइली कंपनी का जासूसी सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करती हैं।

By: Manoj Singh

Published: 22 Jul 2021, 01:59 AM IST

बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा ने सिख विरोधी दंगों को भी पीछे छोड़ा- शुभेंदु अधिकारी

भाजपा ने दिल्ली और बंगाल में मनाया शहीद श्रद्धांजली दिवस
कोलकाता/ दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस के दिन भाजपा ने बुधवार को विधानसभा चुनाव बाद से हुई हिंसा में मारे गए अपने कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद श्रद्धांजलि दिवस मनाया। इस क्रम में दिल्ली के राजघाट
परप्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और कोलकाता के हेस्टिंग स्थित पार्टी कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी ने नेतृत्व में शहीद श्रद्धांजलि दिवस मनाया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने हिंसा में मारे गए अपने कार्यकर्ताओं की श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा बंगाल भर में भी शहीद श्रद्धांजलि दिवस मनाया।

इस दिन ममता बनर्जी की ओर से मोदी सरकार पर अपना और अन्य दूसरे लोगों के फोन टैप करने के आरोप लगाए जाने के जवाब में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर अपने विरोधियों का फोन टैप करने का आरोप लगाया। दिलीप घोष ने कहा कि मुकुल रॉय जब भाजपा में आए थे तब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपना फोन टैप करने का मामला किया था। खुद ममता बनर्जी और उनकी सरकार अपने विरोधियों के फोन टैप करने के लिए इजराइली कंपनी का जासूसी सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करती हैं।

शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि ममता सरकार खुद उनका फोन टैप करवाती हैं।

ममता को शहीद दिवस मनाने का हक नहीं
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की पुलिस की गोली से मारे गए कुछ लोगों की याद में शहीद दिवस मनाती हैं और वे खुद हिंसा की राजनीति कर रही हैं। विधानसभा चुनाव बंगाल में हुई हिंसा में भाजपा के 175 कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। भाजपा इस दिन अपने उन्हीं कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद
श्रद्धांजलि दिवस मना रही है। लेकिन इसके बारे में ममता बनर्जी कुछ नहीं कह रही है। उन्हें शर्म नहीं आती है। शहीद दिवस मनाने का अधिकार नहीं है।
कोलकाता में ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए शभेन्दु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में चुनाव बाद हुई
हिंसा ने नोआखाली के दंगों और 1984 के सिख विरोधी दंगों को भी पीछे छोड़ दिया है। चुनाव बाद हुई हिंसा के दौरान सरकारी तंत्र की निष्क्रियता की जितनी आलोचना की जाए, वह कम है।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या करवा कर खेला करवा दिया। अभी 25 हजार लोग घर से बाहर हैं। 12 हजार लोग घायल हुए हैं।
गद्दारी की परिभाषा ममता से अच्छा कोई नहीं जानता
ममता बनर्जी पर प्रहार करते हुए शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि गद्दारी की परिभाष तृणमूल कांग्रेस से अच्छा कोई नहीं जानता है। 1984 से पहले ममता बनर्जी को कोई नहीं जानता था। राजवी गांधी ने उन्हें मौका दिया। वे पांच बार कांग्रेस की सांसद और मंत्री बनी और भाजपा के समर्थन से तीन बार सांसद और बाजपेयी सरकार में मंत्री बनी थी। यही ही नहीं भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी को जूस पीला कर उनका अंशन तोड़वाया था। अब ममता बनर्जी बड़ी बात कर रही है।

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Manoj Singh Reporting
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