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दुर्गा पूजा: शक्ति को सहेजने का संदेश मिलता

locationकोलकाताPublished: Sep 28, 2022 04:57:45 pm

Submitted by:

Rabindra Rai

दुर्गा पूजा धार्मिक से ज्यादा सामाजिक आयोजन है। मान्यता के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा 10 दिन के लिए अपने मायके आती हैं। जिस तरह मायके आते ही हर महिला खुशी से झूम उठती है उसी तरह पूजा के दौरान बंगाल में खुशियां छा जाती हैं। पूरे पारिवारिक माहौल में पूजा पाठ होता है। जबकि अन्य राज्यों के लोगों के लिए दुर्गा पूजा, शक्ति की आराधना है

दुर्गा पूजा: शक्ति को सहेजने का संदेश मिलता
दुर्गा पूजा: शक्ति को सहेजने का संदेश मिलता
मौजूदा दौर में भी शक्ति की जरूरत
दुर्गाष्टमी विशेष
रवीन्द्र राय
कोलकाता. दुर्गा पूजा धार्मिक से ज्यादा सामाजिक आयोजन है। मान्यता के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा 10 दिन के लिए अपने मायके आती हैं। जिस तरह मायके आते ही हर महिला खुशी से झूम उठती है उसी तरह पूजा के दौरान बंगाल में खुशियां छा जाती हैं। पूरे पारिवारिक माहौल में पूजा पाठ होता है। जबकि अन्य राज्यों के लोगों के लिए दुर्गा पूजा, शक्ति की आराधना है। वो शक्ति जो सभी प्रकार की बुराइयों का नाश करती है। कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की अध्यक्ष प्रो. राजश्री शुक्ला कहती हैं कि पहले असुर या राक्षस लोगों पर अत्याचार करते थे अब भ्रष्टाचार रूपी राक्षस करते हैं। कई सामाजिक बुराइयां भी सिर उठा रही हैं। ऐसे में आज के मौजूदा दौर में भी शक्ति की जरूरत है। दुर्गा पूजा से हमें शक्ति को सहेजने और बुराइयों के नाश का संदेश मिलता है।
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हर स्त्री एक दुर्गा है
प्रो. राजश्री शुक्ला कहती हैं कि मां दुर्गा एक स्त्री का रूप है। जिस प्रकार एक स्त्री होते ही भी सभी देवता देवी दुर्गा के पास आते हैं तथा उनको अपनी अपनी शक्तियां प्रदान कर दैत्य के संहार का अनुरोध करते हैं। उससे हर स्त्री अपने आप को दुर्गा से जोड़कर देखती हैं। वो महसूस करती हैं कि हर स्त्री एक दुर्गा हो सकती है। उनमें भी वो तमाम शक्तियां हैं जिसके सहारे वो भी किसी प्रकार के दैत्य का वध कर सकती हैं। वो शक्तियां चाहे तो महिलाएं मौजूदा दौर में पढ़ लिख कर और कौशल प्राप्त कर हासिल कर सकती हैं।
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जीवन में साधना का मिलता संदेश
दुर्गा पूजा को बुरी प्रवृत्तियों पर विजय पाने का पर्व माना जाता है। मौजूदा दौर में बाहरी बुरी प्रवृत्तियों में बेरोजगारी अन्य सामाजिक बुराइयां शामिल हैं। दुर्गा पूजा से हमें साधना की सीख मिलती है। यदि हम बचपन से पढऩे लिखने तथा कौशल हासिल करने की साधना करते हैं तो हम जीवन में जरूर कामयाब हो सकते हैं। हम बाहरी बुराइयों पर काबू पा सकते हैं। आंतरिक शक्तियां हासिल कर सकते हैं।
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आगे बढऩे की प्रेरणा
जिस प्रकार देवताओं ने देवी दुर्गा को अपने अपने हथियार देकर उनको शक्ति सम्पन्न किया उससे हमें प्रेरणा मिलती है कि यदि हम किसी बड़ी बुराई को खत्म तो करना चाहते हैं पर हम अकेले नहीं कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में हमें दूसरे से मदद लेने में नहीं हिचकिचाना चाहिए। नई पीढ़ी चाहे युवक हो या युवती हम मिलकर घरेलू या सामाजिक या देश की बुराइयों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। कंधे से कंधे मिलाकर किसी मसले पर आंदोलन कर सकते हैं। अच्छे कार्यों के लिए आगे बढ़ सकते हैं।
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दुर्गा पूजा से मिलती हैं ये सीख
- नवरात्र या दुर्गा पूजा साधना का पर्व है। जीवन में बड़े काम के लिए साधना करने की प्रेरणा मिलती है।
- दुर्गा पूजा मतलब आराधना और उत्सव, मन की हताशा दूर कर आनंद की ओर ले जाने का पर्व है।
- दुर्गा पूजा हमें सामूहिकता, संस्कृति और परम्परा को जिंदा रखने का अहसास कराती है।
- जिस तरह हम मां की आराधना में लीन होकर भक्ति प्राप्त करते हैं उसी प्रकार अच्छे कार्यों के लिए मानसिक शक्ति हासिल कर सकते हैं।
- पूजा के दौरान मातृ शक्ति की आराधना होती है। लगता है कि हर स्त्री दुर्गा का रूप है। ऐसे में यदि पुरुष हर स्त्री में दुर्गा का रूप महसूस करें तो महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में कमी आ सकती है।
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