ई दर्शन पर जोर दे रहे दुर्गा पूजा आयोजक--দুর্গাপূজার আয়োজকরা ই-দর্শনের উপর জোর দিচ্ছেন

आगंतुकों को पंडालों में आने से रोकेंगे वॉलिंटियर

By: Krishna Das Parth

Published: 19 Oct 2020, 10:39 PM IST

कोलकाता . कोरोना वायरस से बचाव के लिए इस बार पूजा आयोजकों ने विशेष तौर पर सतर्कता बरतनी शुरू की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील को मानते हुए अधिकतर पूजा आयोजकों ने इस बार आभासी दर्शन को ज्यादा महत्व दिया है। इस बार विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों ने आगंतुकों के आगमन पर रोक लगाते हुए आभासी 'दर्शन' का प्रबंध किया है। हालांकि कई अन्य दुर्गा पूजा संघों का कहना है कि यह महोत्सव समावेशिता की भावना से ओतप्रोत है और आगंतुकों को पंडालों में आने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने भीड़ को संभालने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है। शहर के कम से कम दो बड़े पूजा आयोजकों संतोष मित्रा स्क्वायर ने घोषणा की है कि इस बार बाहरी लोगों को आने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा है कि लोग उनके यू-ट्यूब चैनलों के जरिये माता दुर्गा की मूर्ति की झलक पा सकते हैं और रस्में अदा कर सकते हैं। संतोष मित्रा स्क्वायर के सचिव सजल घोष ने कहा कि हर साल तंग गलियों से निकलकर लाखों लोग पूजा पंडाल पहुंचते हैं। इस बार इसकी अनुमति नहीं होगी। हमारे इलाके के लोग भी कोविड-19 की चपेट में आ सकते हैं। इसलिये हमने अपने पंडाल में आगंतुकों के आगमन पर अस्थायी पाबंदी लगा दी है। वहीं संतोषपुर लेक पल्ली के सचिव सोमनाथ दास ने कहा कि उन्होंने आगुंतकों के प्रवेश पर रोक नहीं लगाई है। इसके अलावा पंडाल भी इस तरह लगाए गए हैं कि लोग पंडाल से लगी सडक़ से मूर्ति की झलक पा सकें। घर से दर्शन करने वाले लोग हमारी वेबसाइट पर लॉग-इन कर दर्शन कर सकते हैं। इसी तरह से कई अन्य पूजा आयोजकों ने भी सभा सुदर्शन पर ज्यादा जोर दिया है। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सॉल्टलेक में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के पूजा पंडाल का भी डिजिटल उद्घाटन करने का निर्णय लिया है और उनके संबोधन को 10 पूजा पंडालों में प्रसारण भी किया जाएगा।

Krishna Das Parth Desk
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