First thing in Bengal : बंगाल की राजनीति में पहली बार हुआ, जानिए क्या

First thing in Bengal : बंगाल की राजनीति में पहली बार हुआ, जानिए क्या

Rabindra Rai | Publish: Jun, 25 2019 04:49:17 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

West Bengal में चुनाव खत्म होने के एक महीने बाद भी Political activities तेज हैं। लग रहा है कि राज्य में Political earthquake आ गया है। bjp के राज्य में 42 में से 18 सीटें जीतते ही सत्तारूढ़ tmc में टूट मची है।

कोलकाता. आमतौर पर लोकसभा चुनाव से पहले तथा चुनाव के दौरान किसी देश या राज्य में हलचल रहती है, पर पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म होने के एक महीने बाद भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। लग रहा है कि राज्य में राजनीतिक भूकम्प आ गया है। भाजपा के राज्य में ४२ में से १८ सीटें जीतते ही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में टूट मची है। चुनाव के बाद अब तक आधा दर्जन तृणमूल विधायक पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो गए हैं। दक्षिण दिनाजपुर जिला परिषद अध्यक्ष लिपिका राय समेत १० जिला परिषद सदस्य भाजपा में शामिल हो गए, इसके साथ ही राज्य की राजनीति में पहली बार किसी जिला परिषद पर भाजपा पर कब्जा हो गया। राज्य की यह पहली जिला परिषद है जो बिना चुनाव के तृणमूल के पाले से खिसककर भाजपा के पास चली आई है। बीते साल हुए पंचायत चुनावों में तृणमूल ने राज्य की सभी 22 जिला परिषदों पर कब्जा जमाया था, लेकिन इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान दक्षिण दिनाजपुर और बालूरघाट सीटें भाजपा ने जीती थीं। यहां तक कि लोकसभा चुनाव के दौरान जिन क्षेत्रों में तृणमूल को बढ़त मिली थी उन क्षेत्रों के भी नेता और पार्षद भाजपा में शामिल होते जा रहे हैं। इससे पहले नोआपाड़ा के विधायक सुनील सिंह के नेतृत्व में गारुलिया नगरपालिका के अधिकतर पार्षदों ने भाजपा का दामन थामा था।
चोरों को पार्टी में नहीं रखूंगी-ममता
अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि जिनको भी पार्टी छोडऩा है वह जल्द से जल्द छोड़ दें। चोरों को पार्टी में नहीं रखना चाहती हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा के बड़ी मात्रा में धनराशि का बेजा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि इस बार जो चुनाव हुआ वह रुपए का खेल था। इसे लेकर मन छोटा करने की जरूरत नहीं है।
विधानसभा में चुनिंदा को टिकट
उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि विधानसभा चुनाव में जो लोग पार्टी का विश्वासपात्र और वफादार होगा उसको ही टिकट मिलेगा। भाजपा नेता मुकुल राय और उनके पुत्र का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि मैंने गलती की थी और मौकापरस्त बाप बेटे को टिकट दे दिया था। अब उन्हें टिकट मिलेगा जो पार्टी में रहने वाले हैं।
तैयार कर रही नए कार्यकर्ता
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जो लोग तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर जा रहे हैं उन्हें लेकर किसी तरह की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने नए सिरे से कार्यकर्ता तैयार करने की शुरुआत की है और राज्य भर में नए-नए कार्यकर्ता तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति अगर पार्टी छोड़कर जाएगा तो उसकी जगह 500 नए लोग आएंगे।

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