अभिजीत बनर्जी को कैसे मिला नोबेल? जानिए भाजपा नेता की जुबानी...

  • पीयूष गोयल के बाद भाजपा नेता राहुल सिन्हा का विवादित बयान
  • कहा, अभिजीत विनायक बनर्जी दूसरी पत्नी विदेशी इसलिए ...
  • बंगाल की राजनीति गरमाई

     

कोलकाता

नोबेल पुरस्कार विजेता (Novel prize winer) भारतीय मूल के अमरीकी अर्थशास्त्री अभिजीत विनायक बनर्जी (Abhijit vinayak Banerjee) के खिलाफ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Central minister piyush goyal) के बयान को लेकर मचे बवाल के दौरान भाजपा के और एक राष्ट्रीय नेता ने विवादित बयान दे डाला। भाजपा के नेता ने अर्थशास्त्री अभिजीत विनायक बनर्जी की योग्यता और नोबेल पुरस्कार की चयन प्रणाली दोनों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया। भाजपा नेता राहुल सिन्हा के बयान के बाद बंगाल में राजनीति गरमा गई है। माकपा, तृणमूल और कांग्रेस तीनों पार्टियों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

-----

किस पार्टी के नेता ने क्या कहा

पीयूष गोयल की ओर से अर्थशास्त्री अभिजीत विनायक बनर्जी के संबंध में दिए गए बयान के बाद मचे राजनीतिक बवाल पर पत्रकारों द्वारा प्रतिक्रिया पूछने पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि दूसरी पत्नी अगर विदेशी हो तो शायद नोबेल पुरस्कार मिल जाता है। सिन्हा ने कहा कि पीयूष गोयल ने बिल्कुल सही कहा है कि अभिजीत विनायक बनर्जी वामपंथी विचारधारा के हैं। वे अर्थव्यवस्था को वामपंथी विचारधारा के नजरिए से देखते हैं। उनके विचार को भारत की जनता ने खारिज कर दिया है। हम पीयूष गोयल के विचार से सहमत हैं।
सिन्हा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि पीयूष गोयल और राहुल सिन्हा दोनों मूर्ख हैं। इन्हें कुछ पता नहीं है और राजनीति में आ गए हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता व मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि अभिजीत विनायक बनर्जी की अर्थनीति से ऐसा नहीं लगता है कि वह वामपंथी विचारधारा के हैं। अगर वे वामपंथी विचारधार के हैं भी तो यह देखना होगा की उनकी अर्थनीति जनहित में है अथवा नहीं। मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि भाजपा नेता किसी का सम्मान करना ही नहीं जानते। ऐसे लोगों के बयान पर प्रतिक्रिया देने का कोई मतलब ही नहीं है। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने भी सिन्हा के बयान की निंदा की है।

---------
केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने क्या कहा

पीयूष गोयल ने पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मैं अभिजीत बनर्जी को बधाई देता हूं, जिन्होंने नोबेल पुरस्कार जीता है। आप उनकी सोच के बारे में जानते हैं, यह पूरी तरह से वामपंथी झुकाव है। उन्होंने एनवाईएए योजना का समर्थन किया था और इसके बारे में प्रशंसा की थी, लेकिन भारत के लोगों ने उनकी सोच को पूरी तरह से खारिज कर दिया। यह जरूरी नहीं है कि हम उनकी सोच से सहमत हों। विशेष रूप से, जब लोगों ने उनके विचारों को अस्वीकार कर दिया, तो हमें उन्हें स्वीकार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

Show More
Ashutosh Kumar Singh
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned