कोलकाता सहित राज्य में 20 पुल असुरक्षित

कोलकाता सहित राज्य में 20 पुल असुरक्षित

MANOJ KUMAR SINGH | Publish: Sep, 06 2018 11:07:12 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

माझेरहाट ब्रिज हादसे से सबक

आपात बैठक के बाद राज्य सचिवालय में सीएम ममता ने की घोषणा

 

पुलों की सुरक्षा के लिए निगरानी सेल बनाया, पुलों के नीचे दुकान नहीं

कोलकाता में बड़े मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर लगाई रोक

कोलकाता
दक्षिण कोलकाता के माझेरहाट ब्रिज के ढहने के तीसरे दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कोलकाता सहित पश्चिम बंगाल के 20 पुलों को असुरक्षित, पुलों की सुरक्षा के लिए निगरानी सेल बनाने और कोलकाता में 10 और 20 चक्के वाले मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा की। उन्होंने पुलिस को सियालदह फ्लाइओवर सहित सभी पुलों और फ्लाईओवर के नीचे की जगह को खाली कराने का निर्देश दिया। केएमडीए, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग के मंत्रियों और आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक करने के बाद ममता राज्य सचिवालय नवान्न में संवाददाता सम्मेलन में बोल रही थी। बैठक में मुख्य सचिव मलय दे और कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार सहित अन्य आला पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पड़ताल कर कोलकाता, हावड़ा सहित राज्य के 20 पुलों और फ्लाई ओवर को असुरक्षित बताया है। इनकी मियाद खत्म हो गई है। इनमें सियालदह फ्लाई ओवर, ढाकुरिया ब्रिज, उल्टाडांगा रेल ब्रिज, चिंगड़ीहाटा पुल और राष्ट्रीय राज्य मार्ग 6 और राष्ट्रीय राज्य मार्ग 2 को जोडऩे वाले सांतरागाछी रेल ओवरब्रिज शामिल हैं। सभी माकपा के शासन में बने हैं। धीरे-धीरे इनकी मरम्मत की जाएगी, लेकिन दिखावे की मरम्मत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि रेलवे को सांतरागाछी और उल्टाडांगा रेल ब्रिज की मरम्मत करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पुलों और फ्लाईओवर पर निगरानी के लिए राज्य के मुख्य सचिव मलय दे के नेतृत्व में ब्रिज निगरानी सेल का गठन किया जाएगा। केएमडी, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य संबंधित विभागों के भी ब्रिज निगरानी सेल बनाने की घोषणा की। उन्होंने पुलिस को सियालदह फ्लाईओवर के अलावा कोलकाता सहित राज्य के सभी पुलों और फ्लाईओवर के नीचे की जगह खाली करवा कर अपने कब्जे में लेने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल और फ्लाईओवर के नीचे किसी को भी किसी को भी रहने और खाना बनाने नहीं दिया जाएगा। सरकार उनके लिए जितना हो सकेगा व्यवस्था करेगी।

मुख्यमंत्री ने 10 और 20 चक्के वाले मालवाहक वाहनों के कोलकाता में प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुराने पुल और फ्लाईओवर की क्षमता के आधार पर पहले मालवाहक वाहन नौ टन माल ले कर चलते थे। अब 15 से 30 टन माल लेकर चलते हैं। मालवाहक वाहन सडक़ों, पुलों और फ्लाईओवर की हालत जर्जर कर दे रहे हैं। इस लिए वे पुलिस को ऐसे वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश देती हैं। इसलिए सरकार को आर्थिक क्षति चाहे जितनी भी हो उसे वहन करने को वे तैयार हैं, लेकिन लोगों की सुरक्षा से वे कोई समझौता नहीं करेंगी। उन्होंने पुलिस को ओवर लोडिंग करने वाले वाहनों पर भी लगाम लगाने का निर्देश दिया। इससे पहले कोलकाता पुलिस ने पिछले 17 घंटे से पोर्ट इलाके में बड़े मालवाहक वाहनों और कंटेनरों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

ब्रिज के पास मेट्रो रेल का काम रोका
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी की प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक मेट्रो रेलवे के काम के कारण माझेरहाट ब्रिज ढहा है। इस लिए जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक मेट्रो रेल का काम बंद रखने को कहा गया है। जब उनसे पूछा गया कि ब्रिज गिरने के लिए जिम्मेदार कौन हैं। जवाब में ममता ने बताया कि इससे पीडब्ल्यूडी, केएमडीए और रेलवे तीन जुड़े हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी छोड़ा नहीं जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि माझेरहाट ब्रिज किसने बनाया था।

 

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