बंगाल में महासंग्राम: तू डाल डाल मैं पात पात

बंगाल में महासंग्राम: तू डाल डाल मैं पात पात
बंगाल में सियासी हवा तेज, बड़ा दांव खेलने को तैयार ममता व भाजपा

Rabindra Rai | Updated: 13 Sep 2019, 03:15:48 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

लोकसभा चुनाव में Mamata Banerjee की पार्टी Trinamool Congress और भाजपा में लगभग बराबरी का मुकाबला होने के बाद बंगाल में महासंग्राम की तैयारी तू डाल डाल मैं पात पात की तर्ज पर शुरू हो गई है। दोनों ही पार्टियों ने 2021 के विधानसभा रण की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी है

कोलकाता. लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में लगभग बराबरी का मुकाबला होने के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी हवा तेज बह रही है। दोनों ही पार्टियों ने 2021 के विधानसभा रण की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी है। एक तरह भाजपा के केंद्रीय नेता दिल्ली में पार्टी नेताओं संग बैठक कर अचूक रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं तो तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सत्ता में लगातार तीसरी बार आने के लिए राजनीतिक स्तर पर पार्टी के अंदर और बाहर मुहिम तेज दी है।
दूसरी तरफ भाजपा कार्यशाला में प्रशिक्षण से लेकर जमीन स्तर तक पार्टी सांसदों को टिप्स दे रही हैं। हाल में नई दिल्ली में कार्यशाला में सिर्फ पश्चिम बंगाल को लेकर विशेष चर्चा की गई। पार्टी ने राज्य की अराजकता, राजनीतिक हिंसा, एनआरसी को मुख्य मुद्दा बनाने के संकेत दिए है। इसके अलावे तृणमूल कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चल रही राजनैतिक तैयारी और अभियान की काट के लिए भाजपा भी तरह-तरह के अभियान चलाने की रणनीति में जुटी हुई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने चाय पर चर्चा और जिलों में जनसभा और जनसम्पर्क पर जोर दिया है।
--
दीदी ने की बड़ी पहल
इधर तृणमूल कांग्रेस ने भी अभी से ही 2021 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। राजनैतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के निर्देशानुसार तृणमूल प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनसंपर्क के लिए कई बड़ी पहल की है। इसमें दीदी के बोलो कार्यक्रम के तहत वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर जारी करने से लेकर कटमनी लौटाने को लेकर शिकायत सेल का गठन भी शामिल है। इसकी काट के लिए भाजपा भी तरह-तरह के अभियान चलाने की राजनीति तैयार करने में जुटी हुई है।
--
बूथ स्तर पर अभियान
हाल के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की कुल 42 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफलता हासिल की थी। इसके साथ ही 40 प्रतिशत वोट शेयर भी भाजपा के पाले में गया था। अब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी अधिक से अधिक लोगों के बीच जनसंपर्क के लिए बूथ स्तर पर अभियान चलाने को उतर चुकी है।
--
हिंसा पर विस्तार से चर्चा
हुगली लोकसभा केंद्र से सांसद और भाजपा की महिला इकाई की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी के मुताबिक दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व के साथ लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक बंगाल में लगातार हो रही हिंसा के बारे में विस्तार से चर्चा हुई है। बंगाल के विकट राजनीतिक माहौल को पूरे देश में लोगों के समक्ष रखा जाएगा ताकि बंगाल के हालात पर पूरा देश एकजुट हो सके।
--
लोकतंत्र को करेंगे पुन: बहाल
बालूरघाट से भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार कहते हैं कि जिले में उनके खिलाफ भी पुलिस ने हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है जबकि इस तरह के किसी आपराधिक वारदात में वह कभी शामिल ही नहीं हुए हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव के दौरान लोगों को और अधिक जागरूक करने तथा बंगाल में लोकतंत्र की बदहाली को पुन: बहाल करने के लिए बड़े पैमाने पर जनसंपर्क और प्रचार-प्रसार अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
--
भाजपा नेताओं पर संगीन धाराएं
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मेदिनीपुर से सांसद दिलीप घोष ने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा को पश्चिम बंगाल के हालात के बारे में अलग से जानकारी दी है। दिलीप घोष ने राज्य में चारों ओर जारी हिंसा, अराजकता, पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले और पुलिस की ओर से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर संगीन से संगीन धाराओं के तहत झूठे मामले दर्ज करने का जिक्र किया।
--
पुस्तक का सहारा
प्रदेश भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने एक किताब लिखी है जिसका शीर्षक है सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के शिल्पी, इसमें उन्होंने विशेष तौर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बंकिम चंद्र चटर्जी और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में लिखा है जिसे पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा चाणक्य और वीर सावरकर के राष्ट्रवाद के सिद्धांतों और आदर्शों के बारे में अमित शाह ने विस्तार से उल्लेख किया है। उसे भी पश्चिम बंगाल में अभी से ही प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
--
हमले को मुद्दा बनाने को कहा
इसके अलावा संसद से लेकर विधानसभा और जमीनी तौर पर पार्टी के नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की बदहाली, कटमनी, शिक्षक भर्ती घोटाला, मेट्रो डेयरी, घोटाला समेत विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ लगातार हो रहे हमले और आपराधिक धाराओं के तहत दर्ज होते मामलों को मुद्दा बनाने को कहा गया है। तृणमूल के खिलाफ जनसंपर्क कर लोगों को जागरूक करने का निर्देश पार्टी की ओर से दिया गया है।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned