नकदी की कमी से नोटबंदी की याद आई-ममता

Prabhat Kumar Gupta

Publish: Apr, 17 2018 05:27:01 PM (IST)

Kolkata, West Bengal, India
नकदी की कमी से नोटबंदी की याद आई-ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई राज्यों में एटीएम में नकदी नहीं होने को देश में आर्थिक आपातकाल होना बताया है।


-कहा, देश में शुरू हो गई आर्थिक आपातकाल
कोलकाता.
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई राज्यों में एटीएम में नकदी नहीं होने को देश में आर्थिक आपातकाल होना बताया है। इन खबरों के बीच उन्होंने मंगलवार को कहा कि यह स्थिति उन्हें नोटबंदी के दिनों की याद दिला रही है। सोशल नेटवर्क ट्वीटर पर ममता ने केंद्र से सवाल किया कि क्या वास्तव में देश में ‘आर्थिक आपातकाल’ चल रहा है। ममता ने ट्वीट पर कहा कि कई राज्यों में एटीएम मशीनों में नकदी नहीं होने की रिपोर्ट से वह हैरान हैं। पता चल रहा है कि एटीएम से बड़े नोट गायब हैं। अधिकांश एटीएम में नकदी की कमी है या फिर नकदरहित एटीएम हैं। कम से कम छह राज्य मसलन गुजरात, पूर्वी महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश , बिहार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में नकदी की कमी की खबरें हैं। इधर, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि चलन में पर्याप्त से ज्यादा मुद्रा है और कुछ राज्यों में जो अस्थायी कमी है उसे जल्द निपटा लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कुल मिलाकर पर्याप्त से ज्यादा मुद्रा चलन में है और यह बैंकों के पास भी उपलब्ध है। कुछ राज्यों में असाधारण तौर पर अचानक मुद्रा की मांग बढऩे से पैदा हुई मुद्रा की अस्थायी कमी को जल्द दूर कर लिया जाएगा।
तृणमूल सांसद डेरेक ने की आलोचना-
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने भी एटीएम में कैश की कमी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 50 दिनों में सबकुछ ठीक हो जाएगा। नोटबंदी के डेढ़ साल बाद भी देश में नकदी का संकट बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ हफ्तों से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में नकदी की कमी की खबरें आ रही हैं। महाराष्ट्र, गुजरात व बिहार के कई हिस्सों से भी सोमवार को इस तरह की शिकायतें मिली थीं। हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने स्थिति की समीक्षा की है। पर्याप्त मुद्रा से अधिक नकदी चलन में है। भारतीय रिजर्व बैंक के डेटा के अनुसार, छह अप्रैल तक 18.17 लाख करोड़ रुपए की मुद्रा चलन में थी।

Ad Block is Banned