justice: प्रेमी के हाथों पति की कराई हत्या, अब ऐसी सजा कि जिंदगी पर पछताएगी

justice: प्रेमी के हाथों पति की कराई हत्या, अब ऐसी सजा कि जिंदगी पर पछताएगी

Rabindra Rai | Updated: 26 Jul 2019, 04:38:51 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

It is said that पाप किसी को भी नहीं छोड़ता। करीब दो साल पहले अपने प्रेमी के हाथों पति की हत्या करवाने वाली महिला ने सपने में नहीं सोचा होगा कि उसे ये दिन देखने पड़ेंगे। अदालत ने शुक्रवार को महिला Manuya Majumdar तथा उसके आशिक Ajit Rai को ऐसी सजा दी कि दोनों अब जिंदगी पर पछताएंगे।

बारासात
कहा जाता है कि पाप किसी को भी नहीं छोड़ता। करीब दो साल पहले अपने प्रेमी के हाथों पति की हत्या करवाने वाली महिला ने सपने में नहीं सोचा होगा कि उसे ये दिन देखने पड़ेंगे। अदालत ने शुक्रवार को महिला मनुआ मजूमदार तथा उसके आशिक अजीत राय को ऐसी सजा दी कि दोनों अब जिंदगी पर पछताएंगे। बेहद क्रूर तरीके से अनुपम सिंह की हत्या के मामले में बारासात फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पत्नी मनुआ मजूमदार और उसके आशिक अजीत राय को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने दोनों पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना की राशि नहीं भरने पर दोनों को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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पूरे राज्य में फैली थी सनसनी
बारासात के हृदयपुर में दो साल पहले हुई इस हत्या ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी। 2 मई, 2017 की रात को अजीत राय ने अनुपम सिंह की हत्या की थी। घटना की जांच करने उतरी पुलिस को चौंकानेवाले तथ्य सामने आए। अनुपम एक विदेश मुद्रा का कारोबार करनेवाली कंपनी में काम करते थे। जांच के दौरान पुलिस ने पाया था कि अनुपम की हत्या करने के पीछे उसकी पत्नी मनुआ मजूमदार का हाथ है। शादीशुदा होने पर मनुआ के करीबी संबंध अजीत के साथ थे। दोनों ने ही मिलकर अनुपम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। घटना के वक्त मनुआ अपने मायके चली गई थी। जबकि अजीत हृदयपुर स्थित अनुपम सिंह के घर पर ही छिपा हुआ था। रात को ड्यूटी से लौटकर अनुपम जब अपने घर पहुंचे तो पहले से छिपे हुए अजीत ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से जोरदार प्रहार किया। अनुपम जब चीख उठे, तो अजीत ने टेलीफोन पर अनुपम की अर्तनाद मनुआ को सुनाई थी।
16 दिनों में जांच पूरी
घटना के 16 दिन के भीतर ही पुलिस ने जांच पूरी कर ली थी। इस मामले की सुनवाई के वक्त सरकारी वकील भी बदले गये थे। इस प्रकार फैसला आने में विलंब हुआ । बारासात फास्ट कोर्ट संख्या-4 के जज वैष्णव राय ने मनुआ और अजीत राय को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों को ही आईपीसी की धारा-302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया गया है।

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