CORONA ALERT_ मिनी राजस्थान मे पसरा सन्नाटा, घरो मे कैद हुए प्रवासी राजस्थानी

CORONA EFFECT_ migrant Rajasthani imprisoned in homes, कोरोना वायरस नोवेल कोविङ_19 के बढते संक्रमण से बचाव के लिए रविवार सुबह से ही कोलकता के मिनी राजस्थान बङाबाजार मे सन्नाटा, जनता कर्फ्यू के लिए की गई अपील का असर बाजारों, सड़को पर

By: Shishir Sharan Rahi

Updated: 22 Mar 2020, 06:16 PM IST

कोलकाता .. कोरोना वायरस नोवेल कोविङ_19 के बढते संक्रमण से बचाव के लिए रविवार सुबह से ही कोलकता के मिनी राजस्थान बङाबाजार मे सन्नाटा पसर गया । कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनता कर्फ्यू के लिए की गई अपील का पूरा असर बाजारों, सड़को पर दिख रहा है। कोलकाता की व्यस्ततम सड़क महात्मा गांधी रोड़ पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का दुक्का गाड़ियों और लोगों के अलावा केवल यातायात पुलिस ही नजर आ रही है। कोरोना के ख़ौफ़ से लोग अपने घरों में ही कैद हो गए हैं। केवल आवश्यक सेवाओं के अलावा सब कुछ बन्द है। एक तरह से देखा जाए तो कोलकाता महानगर थम सा गया है। एहतियातन लोग अपने मकानों अथवा कॉलोनी के लोगों से भी मिलने में कतरा रहे हैं। बच्चों की छुट्टियां तो पहले ही घोषित हो चुकी थी पर घर के अन्य सदस्यों की छुट्टी होने से लोग अपने परिवार तक ही सीमित है। कोई वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तो कोई आध्यात्मिक आधार पर अपने विचारों से लोगों को इस विपदा से बचने का सुझाव दे रहा है। कोरोना से बचाव के हरसंभव प्रयास करते हुए लोग अपने पुराने घरेलू कामों को भी निपटा रहे है। जो ट्रेनें अब हावड़ा, सियालदह स्टेशनों पर पहुंच रही है उनसे उतरे यात्री साधन न मिलने से परेशान हो कर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं लेकिन किसी को इस बन्द से कोई शिकायत नहीं है।

CORONA ALERT_ मिनी राजस्थान मे पसरा सन्नाटा, घरो मे कैद हुए प्रवासी राजस्थानी

बाजारों में सन्नाटा
लिलुआ. कोलकाता के जुड़वां शहर हावडा के उपनगर लिलुआ के बाजारों में रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान सन्नाटा पसरा रहा। इस उपनगर का साप्ताहिक अवकाश गुरुवार को होता है और रविवार को यहां के बाजार गुलजार रहते हैं पर आज यहां एक भी दुकान नहीं खुली। सुबह दूधवालों ने भी जल्द ही अपनी दुकानें बंद कर दीं। लिलुआ स्टेशन से भट्टनगर तक सभी रास्ते खाली रहे। केवल मेडिकल स्टोर ही खुले रहे। लिलुआ में अधिकतर प्रवासी राजस्थानी, गुजराती, मैथिली और यूपी बिहार के हिंदी भाषी परिवार रहते हैंं। 70 वर्षो से ज्यादा समय से लिलुआ में रह रहें द्वारका प्रसाद पुरोहित ने कहा आज मन विचलित है। आज तक कभी ब्रह्म तेजेश्वर के पट इतनी जल्दी बंद नहीे हुए हमें दैनिक मजदूरों के खाने--पीने की चिंता हो रही पर कोरोना के कारण हम भी लाचार हैं कुछ कर नहीं सकते।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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