Minor marriage in Bengal: नाबालिग ने खुद की शादी रुकवाई

Minor marriage in Bengal: नाबालिग ने खुद की शादी रुकवाई

Nirmal Mishra | Publish: Jun, 20 2019 04:40:03 PM (IST) | Updated: Jun, 20 2019 09:47:43 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

साहसी कदम उठाकर समाज को दिया संदेश:A bold message given to society

नाबालिग(minor) ने खुद की शादी (marraige)प्रशासन की मदद से रुकवाई

कोन्ननगर(konnager)

हुगली(hooogly)

नाबालिग (minor)रूपसी दास(Rupshi das)ने जिला प्रशासन(administration) की मदद से अपनी शादी रुकवा दी। उसने चाइल्ड लाइन(childline) में फोन कर मदद की गुहार लगाई और अपनी शादी (marraige)रुकवाने में सफल रही। इसके लिए जिला प्रशासन ने नाबालिग की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है, फिलहाल उक्त नाबालिग को जिला प्रशासन ने होम में भेज दिया है। वह कक्षा आठवी(class VIII) की छात्रा(student) है। श्रीरामपुर (shrirampur)के एसडीओ(SDO) तन्मय देव सरकार(Tanmay deo sarkar) ने कहा कि उत्तरपाड़ा थाना(uttarpara ps) इलाके की कोन्ननगर नगरपालिका के जोड़ापुकुर की रहने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को नाबालिग की शादी होनी तय थी। सोमवार की आधी रात(monday midnight) को नाबालिग ने चाइल्ड लाइन को सूचित किया। उसके बाद चाइल्ड लाइन ने उत्तरपाड़ा थाना को पुलिस को सूचित किया। नाबालिग को मंगलवार को उसके घर से लाया गया। उसे जिला प्रशासन(distric administration) ने होम में भेज दिया। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसके पिता (father)उसकी शादी मुर्शिदाबाद(mursidabad) जिले के एक युवक के साथ बुधवार को कर देते। शादी की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। नाबालिग ने यह भी बताया कि उसके पिता ने उसके दो बहनों की शादी कम उम्र(minor age) में ही कर दी थी। उस समय वह छोटी थी इसलिए यह सारी बाते नहीं जानती थी। उसने बताया कि वह शादी के लिए राजी नहीं थी। उसके माता-पिता उसकी शादी जबरन कराना चाहते थे। चाइल्ड लाइन व स्थानीय पुलिस प्रशासन ने नाबालिग के घर वालों को समझाया कि 18 वर्ष पूरा करने के बाद ही लडक़ी की शादी करने का प्रावधान है। वही युवक की उम्र 21 साल से कम नहीं होनी चाहिए। इसलिए समाज में लम्बे समय नाबालिग शादी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उसके बाद भी कुछ लोग चोरी चुपे इस तरह की शादियां करवा रहे जो अपराध है। ऐसे में मामले में मां-बाप के खिलाफ मामला भी हो सकता है। नाबालिग ने साहसी कदम उठाकर समाज को एक बढिय़ा संदेश दिया है। रूपसी दास वह कक्षा आठवी की छात्रा है।

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