पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे से खुश हैं मतुआ समुदाय के लोग, बंगाल के 60-65 सीटों पर जीत-हार तय करता है समुदाय का वोट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 (West Bengal Assembly Elections 2021): पीएम नरेन्द्र मोदी 26 मार्च को बांग्लादेश के दौरे पर जा रहे हैं। 27 मार्च को वे वहां मतुआ समुदाय बहुल क्षेत्र का दौरा करेंगे। बंगाल में बांग्लादेश के इस शरणार्थी समुदाय के लोगों की अच्छी आबादी है। राज्य विधानसभा की 50-60 सीटों पर मतुआ समुदाय के लोगों का प्रभाव है। इनका वोट इन सीटों पर जीत-हार का फैसला करता है। माना जा रहा है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में मतुआ समुदाय के लोगों का वोट...

By: Ashutosh Kumar Singh

Published: 22 Mar 2021, 04:28 PM IST

ढाका / कोलकाता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 (West Bengal Assembly Elections 2021) में 60-65 सीटों पर अपना प्रभाव रखने वाले बांग्लादेश के शरणार्थी समुदाय 'मतुआ 'के पैतृक निवास क्षेत्र बांग्लादेश के ओराकांदी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) का दौरा होने जा रहा है। आगामी 27 मार्च को पीएम वहां जाएंगे। यह जगह मतुआ समुदाय के गुरु माने जाने वाले हरिचंद ठाकुर का जन्म स्थान है और इसे लेकर न केवल भारत और बांग्लादेश बल्कि दुनिया भर के मतुआ समुदाय में खुशी की लहर है।
मोदी 26-27 मार्च को बांग्लादेश की यात्रा करेंगे। उनकी यात्रा को लेकर बांग्लादेश का हिंदू मतुआ खुश है। मतुआ समुदाय ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, "मोदी का यह आगमन ईश्वर का आशीर्वाद है।" हरिचंद टैगोर के छठे वंशज बांग्लादेश के काशियानी जिले के उप चेयरमैन सुब्रत टैगोर ने कहा, "केवल बांग्लादेश और भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में पूरा मतुआ समुदाय नरेन्द्र मोदी के ओराकांदी आगमन के लिए उनका आभारी होगा।" सुब्रत टैगोर ने कहा, "अब तक भारत के किसी भी प्रधानमंत्री ने पिछड़े हिंदू समुदाय मतुआ की खबर नहीं ली है। यही नरेन्द्र मोदी करने जा रहे हैं।" सुब्रत ठाकुर ने कहा, “भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन ने लोगों के बीच एक नई जागृति पैदा की है। नरेन्द्र मोदी मतुआ सम्मेलन के लिए कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल के ठाकुरनगर के ठाकुरबारी में भी गए थे।"

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव है। ऐसे में पीएम मोदी की ओरकांदी यात्रा मतुआ वोटबैंक के लिए एक 'मास्टरस्ट्रोक' होगी। इस बारे में पूछे जाने पर, सुब्रत ने कहा, "भारत की लगभग सभी पार्टियों ने मतुआ का उपयोग केवल मतदान की राजनीति के लिए किया है। हालांकि, नागरिकता देने की न्यायोचित मांगों को कोई भी पूरा नहीं कर पाया है। हालांकि, भारत में नागरिकता विधेयक पारित हो चुका है। मतुआ समुदाय भाजपा को पसंद कर सकता है। यह स्वाभाविक है कि पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय को भाजपा से अधिक वोट मिल सकते हैं।"

भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश के प्रधान मंत्री के बांग्लादेश के हिंदू मंदिर दौरे के बारे में सुब्रत ने कहा, "किसी भी धर्म के लोगों के लिए धार्मिक मंदिर में जाना सामान्य बात है। वोट का राजनीतिकरण करना पाखंड है। हर धर्म के लोगों को अपने धर्म के प्रति सम्मान होना चाहिए। भारत के सभी हिंदू नेता जिन्होंने अब तक बांग्लादेश का दौरा नहीं किया है, उन्होंने अपने ही धर्म के लोगों के साथ धोखा किया है।
ऐसी चर्चा है कि मोदी ओरकांदी में आम लोगों से बात कर सकते हैं। इस संबंध में, सुब्रत कहा, "मैंने सुना है कि मोदी 26 मार्च को बांग्लादेश आएंगे और 27 मार्च को हरिमंदिर में पूजा करेंगे। मोदी के टैगोर के परिवार के 15 सदस्यों से मिलने की संभावना है। भारतीय उच्चायोग ने लगभग 400 प्रशंसकों की सूची संकलित की है।

उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी 26 अप्रैल की सुबह बांग्लादेश पहुंचेंगे, वह परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शाम 4.30 बजे हिस्सा लेंगे, अगले दिन 27 मार्च को सुबह वे जेसोरेश्वरी माता के दर्शन करेंगे सतखिरा में मंदिर में दर्शन करेंगे। उसके बाद श्री हरिचंद ठाकुर के मंदिर में पूजा करेंगे। इसके बाद मतुआ समुदाय के लोगों से बात करेंगे।

Ashutosh Kumar Singh
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