शारदा घोटाला के आरोपी आईपीएस ऐसे हुए मजबूर कि लगा रहे है सुप्रीम कोर्ट का चक्कर

शारदा घोटाला के आरोपी आईपीएस ऐसे हुए मजबूर कि लगा रहे है सुप्रीम कोर्ट का चक्कर

Manoj Kumar Singh | Publish: May, 21 2019 04:37:42 PM (IST) | Updated: May, 21 2019 04:37:43 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

  • बचने के मोहलत के लिए भटक रहे है दर-दर

  • सारधा चिटफंड घोटाले के साक्ष्य मिटाने के अरोपी कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार सोमवार को फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और गिरफ्तारी से बचने के लिए और सात दिन का मोहलत दिए जाने का गुहार लगाया

कोलकाता
सारधा चिटफंड घोटाले के साक्ष्य मिटाने के अरोपी कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार सोमवार को फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और गिरफ्तारी से बचने के लिए और सात दिन का मोहलत दिए जाने का गुहार लगाया।

इस दिन राजीव कुमार ने याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से कहा कि पश्चिम बंगाल में वकीलों का हड़ताल चल रहा है। इस कारण वे अग्रिम जमानत लेने के लिए वे नीचली अदालत में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस लिए सारधा घोटाला मामले में उन्हें गिरफ्तारी से बचने के लिए और सात दिन का समय दिया जाए।

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर की गई याचिका की पिछली सुनवाई करते हुए 15 मई को सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के खण्ड पीठ ने राजीव कुमार को गिरफ्तारी से बचने के लिए सुरक्षा कवच के रुप में दिए गए अपना आदेश वापस ले लिया था।

अग्रिम जमानत लेने के लिए उन्हें अगले सात दिन में नीचली अदालत से संपर्क करने का निर्देश दिया था, जिसकी समय-सीमा 17 मई से सात दिन यानी 23 मई को समाप्त हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट गिरफ्तारी से राहत के लिए राजीव कुमार को राहत देने में सक्षम अदालत जा सकें।

प्रधान न्यायाधीश गोगोई, न्यायमूर्ति गुप्ता और न्यायमूर्ति खन्ना की पीठ ने अपने फैसले में सीबीआई को इस मामले में कानून के अनुसार काम करने का निर्देश दिया है। आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार के वकील ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के अनुसार अगले सात दिन तक उन्हें गिरफ्तारी नहीं किया जा सकेगा।

न्यायमूर्ति खन्ना ने फैसले का मुख्य अंश सुनाते हुए कहा है कि उन्होंने पांच फरवरी को राजीव कुमार को प्रदान किया गया संरक्षण वापस ले लिया हैं और कानून के अनुसार इस मामले में कदम उठाने का काम सीबीआई पर छोड़ रहे हैं।

पांच फरवरी का आदेश 17 मई से सात दिन तक जारी रहेगा ताकि राजीव कुमार राहत के लिए सक्षम अदालत से संपर्क कर सकें। न्यायमूर्ति खन्ना ने अपना आदेश सुनाने से पहले कहा कि इस मामले में जो कुछ हुआ है उस पर हमने चिंता व्यक्त की है।

चुनाव आयोग ने किया था राजीव कुमार का तबादला

राजीव कुमार पश्चिम बंगाल के सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक पद पर तैनात थे, लेकिन कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा की घटनाओं के बाद चुनाव आयोग ने उनका तबादला केन्द्रीय गृह मंत्रालय में कर दिया।

आयोग ने राजीव कुमार पर लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में हो रही हिंसक घटनाओं पर काबू पाने में नाकाम करार दिया। आयोग ने उन्हें बृहस्पतिवार को केन्द्रीय गृह मंत्रालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया था। आयोग ने राजीव कुमार के साथ ही पश्चिम बंगाल के प्रमुख सचिव (गृह) अत्री भट्टाचार्य को भी उनके पद से हटाने का आदेश दिया था।

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