स्मार्ट सिटी न्यूटाउन को प्रदूषण मुक्त करने के लिए विशेष पहल


- 10 बाजारों को प्लास्टिक मुक्त करने तथा रास्तों पर स्वचालित डस्टबिन लगाने की तैयारी

By: Vanita Jharkhandi

Published: 23 Feb 2021, 05:11 PM IST


न्यूटाउन
स्मार्ट सिटी न्यूटाउन को प्रदूषण मूक्त करने के लिए न्यूटाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी (एनकेडीए) इसे पूरी तरह से लगातार प्रयास कर रही है। उसे' प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक विशेष योजना लेकर आई है। एनकेडीए के तहत बाजारों में से एक सीबी ब्लॉक कम्युनिटी मार्केट ऑफ एक्शन एरिया -1 है। उस बाजार को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए कदम उठाए जा रहा हैं। उस बाजार में सभी प्रकार के प्लास्टिक के उपयोग को रोकने की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारी प्लास्टिक के लिए वैकल्पिक चीजों की व्यवस्था करेंगे। इसी समय, प्रदूषण को कम करने के लिए न्यूटाउन सड़कों पर स्वचालित डस्टबिन स्थापित किए गए हैं। वह डस्टबिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए काम करेगा।
एनकेडीए के सूत्रों के अनुसार, प्राधिकरण के तहत न्यूटाउन में 10 बाजार हैं। उनमें से कुछ की पहचान कर ली गई है। प्रारंभ में सभी को प्लास्टिक मुक्त बाजार के रूप में प्रयोग करने की योजना बनाई गई है। सफल होने पर, न्यूटाउन के सभी बाजारों में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाना पड़ सकता है। वर्तमान में न्यूटाउन के सीबी ब्लॉक में बाजार में 26 दुकानें हैं। एनकेडीए पहले ही मौखिक रूप से अपने मालिकों के साथ बातचीत कर चुका है। उन्हें बताया गया है कि इस बाजार में प्लास्टिक से बनी किसी भी सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसके बजाय, पेपर और जूट बैग को विकल्प के रूप में माना गया है। एनकेडीए के एक अधिकारी ने कहा कि वैकल्पिक प्रणाली पर उनका वार्षिक खर्च बहुत बड़ा है। जबकि अतिरिक्त महंगा होने के बावजूद, एनकेडीए पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में अडिग है। प्राधिकरण की परियोजना प्रबंधन इकाई पहले से ही पूरे मामले के प्रभारी है। अगले एक साल तक प्लास्टिक को पूरी तरह से बन्द कर दिया जाएगा और संबंधित बाजारों में इसका परीक्षण किया जाएगा। गौरतलब है कि क्षेत्र को साफ रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। एनकेडीए के चेयरमैंन देबाशीष सेन ने कहा कि ऐसे डस्टबिन में एक विशेष सेंसर लगे है, जो प्राधिकरण के नियंत्रण कक्ष को सूचना भेजेगा। जैसे ही सड़क के किनारे का डस्टबिन 75 प्रतिशत भरा होगा, वैसे ही सिग्नल मिल जाएगा। तभी कूड़ेदान का मुंह बंद होगा। उस सिग्नल को प्राप्त करने के बाद, कचरा संग्रह वाहन कूड़ेदान से कचारा ले जाएगा। पहले देखा गया है कि वैट और डस्टबिन को विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर पानी भर जाता है। ऐसा होता है तो अब न्यूटाउन में नहीं देखा जाता है। नाजरुल तीर्थ से रवींद्रनाथ तीर्थ तक सड़क पर इस डस्टबिन को स्थापित करने के लिए योजनाएं बनाई जा चुकी हैं। देबाशीष ने कहा कि शुरुआत में क्षेत्र में 50 डस्टबिन लगाए जाएंगे।

Vanita Jharkhandi Reporting
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