पश्चिम बंगालः क्या वास्तव में ममता सरकार की शुरू हो गई उल्टी गिनती ...

पश्चिम बंगालः क्या वास्तव में ममता सरकार की शुरू हो गई उल्टी गिनती ...

Prabhat Kumar Gupta | Updated: 14 Jun 2019, 07:30:00 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

राज्य में जहाँ राजनीतिक उथल-पुथल हो रही है वहीँ डॉक्टरों की हड़ताल के कारण भी हंगामा जारी है। और तो और राज्य की प्रतिष्ठित एसएसकेएम (पीजी) अस्पताल में सीएम बनर्जी को हड़ताली डाक्टरों का कोपभाजन होना पड़ा। इसी बीच अब यह भी कहा जा रहा है कि बंगाल से ममता बनर्जी की सरकार अब चंद दिनों की मेहमान लग रही है।


कोलकाता.
एक तरफ राज्य के विभिन्न हिस्सों में चुनावी बाद हिंसा और दूसरी ओर, सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की लगातार हड़ताल ने राज्य सरकार खासकर सीएम ममता बनर्जी की नकेल कस दी है। पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव से शुरू हुआ बबाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में जहाँ राजनीतिक उथल-पुथल हो रही है वहीँ डॉक्टरों की हड़ताल के कारण भी हंगामा जारी है। और तो और राज्य की प्रतिष्ठित एसएसकेएम (पीजी) अस्पताल में सीएम बनर्जी को हड़ताली डाक्टरों का कोपभाजन होना पड़ा। इसी बीच अब यह भी कहा जा रहा है कि बंगाल से ममता बनर्जी की सरकार अब चंद दिनों की मेहमान लग रही है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ताओं का भाजपा में शामिल होना भी जारी है। इससे ममता की सरकार में विधायकों की कमी आना लाजिमी है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो ममता सरकार 2021 तक के कार्यकाल पूरा करने से पहले ही अल्पमत की ओर बढ़ रही है। सूत्रों ने बताया कि राज्य में आए दिन राजनीतिक हिंसा की घटनाएं घट रही है। पिछले एक सप्ताह में लगभग एक दर्जन लोग हिंसा में मारे गए हैं। चुनाव के बाद से लेकर अभी तक तृणमूल कांग्रेस के 9 और भाजपा के दो लोगों की ह्त्या हो चुकी है। बंगाल का बवाल पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पर राज्य के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने भी चिंता जताई है। भाजपा नेता मुकुल राय का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस के 100 विधायक उनके संपर्क में हैं और भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। मुकुल ने हुगली के चापाडांगा और तालपुकुर पंचायत पर भाजपा के कब्जा होने की घोषणा की है। इसके पहले बैरकपुर के भाजपा सांसद अर्जुन सिंंह ने उत्तर 24 परगना के एक पंचायत पर भाजपा के कब्जा होने की घोषणा की थी। यह भी कहा जा रहा है कि पिछले पंचायत चुनाव में लोगों को वोट नहीं डालने देने के कारण इस बार ममता बनर्जी की पार्टी को कई सीटों से हाथ धोना पड़ा और अब उनके हाथों से प्रदेश भी जा सकता है।

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