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जवानों ने दिया मानवता का परिचय, प्रसूता को कंधे में लादकर नदी-नाला करवाया पार

जच्जा बच्चा को बचाने के लिए इलाके में तैनात आईटीबीपी 41 बटालियन के जवानों ने बरसते पानी का ख्याल किए बिना ही हरेली के हरिजनपारा पहुंचे।
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कोंडागांव

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Badal Dewangan

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Updated: 11 Aug 2018, 10:36 AM IST

जवानों ने दिया मानवता का परिचय

जवानों ने दिया मानवता का परिचय, प्रसूता को कंधे में लादकर नदी नाला करवाया पार

कोण्डागांव. जच्जा बच्चा को बचाने के लिए इलाके में तैनात आईटीबीपी 41 बटालियन के जवानों ने बरसते पानी का ख्याल किए बिना ही माओवादी प्रभावित इलाका हड़ेली के हरिजनपारा पहुंचे। जहां प्रसूता रूकमणी देवी पति पीलूराम 30 व उसके नवजात शिशु की तबीयत अत्याधिक खराब होने से उसे स्ट्रेचर पर डालकर नदी-नाला पार करते हुए एम्बुंलेस तक पहुंचे और महिला को किसी तरह मर्दापाल स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया।

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जवान एंबुलेस लेकर महिला के घर के लिए निकले थे
लेकिन पीएससी में डाक्टर मौजूद नहीं होने से जवानों ने जच्चा-बच्चा दोनों को जिला हास्पिटल ले जाना ही उचित समझ उसे जिला चिकित्सालय में लाकर भर्ती कराया। जहां दोनों का उपचार जारी हैं, सहायक कमाडेंट प्रवीण ने बताया कि हड़ेली कैम्प में सूचना के आधार पर जवान एंबुलेस लेकर महिला के घर के लिए निकले थे, लेकिन इलाके हो रही लगातार बारिश के चलते एंबुलेंस नवागांव नाले को पार नहीं कर पाई। इसके बाद जवानों ने महिला को स्ट्रेचर के सहारे एबुंलेंस तक लाना पड़ा।

हथियारों से लैस होकर जवानों ने दी सुरक्षा
महिला को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जब आईटीबीपी के जवानों की टीम अपने बेस कैम्प से रवाना हुई तो इस दौरान किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसके लिए लगभग सात किलोमीटर तक अधुनिक हथियारों से लैस जवानों की आरओपी लगानी पड़ी और धीरे-धीरे कर जच्चा-बच्चा को हास्पिटल तक पहुंचाया।

महिला को बेहतर इलाज के लिए रवाना किया
सहायक कमाडेंट ने बताया कि महिला की डिलेवरी रात को 1 बजे के आसपास हुई थी इसके बाद से महिला को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। वही नवजात की तबीयत भी खराब थी । किसी ग्रामीण ने हमें इसकी सूचना दी तब हमारे जवानों ने मौके पर पहुंच महिला को बेहतर इलाज के लिए रवाना किया।