डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थियों से दो बार वसूला नामांकन शुल्क, अब लौटाने में कर रहे बहानेबाजी

कोरबा के डेढ़ दर्जन कालेजों के विद्यार्थियों से लाखों की रकम वसूली ली गयी।

By: Vasudev Yadav

Published: 09 Dec 2017, 10:46 AM IST

कोरबा . बिलासपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कालेजों के विद्यार्थियों से वर्तमान सत्र 2017-18 में प्रवेश के लिए छात्रों से तीन सौ रुपए नामांकन शुल्क लिया जा चुका है लेकिन विवि प्रशासन ने आनलाइन पंजीकरण कराने के समय फिर इतनी ही राशि जमा करा ली। इस पूरे मामले में कोरबा के डेढ़ दर्जन कालेजों के विद्यार्थियों से लाखों की रकम वसूली ली गयी। अब मामला जब फंस गया तो विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को निर्देशित किया है कि वे छात्रों से लिए नामांकन शुल्क को तत्काल वापस करें लेकिन यह रकम तो कालेज प्रशासन विवि के पास पहले ही जमा कर चुका है।

विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कालेजों में स्नातक या स्नानतकोत्तर प्रथम वर्ष में प्रवेश के समय प्रवेश फॉर्म के साथ कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों से 300 रूपए प्रति छात्र नामांकन शुल्क वसूला जाता है। सत्र 2017-18 में भी यही हुआ और कालेजों ने नामांकन शुल्क की राशि चालान के माध्यम से बिलासपुर विश्वविद्यालय में जमा कर दिया। इस बीच विवि ने प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए नामांकन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाईन कर दिया। इससे प्रथम वर्ष में प्रवेशित छात्रों ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आनलाइन नामांकन शुल्क का भुगतान कर दिया जबकि वे कालेज में प्रवेश के समय 300 रुपए शुल्क पहले ही जमा कर चुके थे।

15 लाख की राशि कॉलेजों के अकाउण्ट मेें
बिलासपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले में कुल 18 शासकीय, अर्धशासकीय व निजी कॉलेज हैं। इनमें प्रथम वर्ष की कुल छ: हजार 250 सीटें हैं। इन्हीं सीटों के विरूद्ध प्रवेश लेने वाले छात्रों से ही नामांकन शुल्क लिया जाता है। हालांकि कई कॉलेजों की सीटें इस वर्ष खाली भी रह गयी हैं। एक वरिष्ठ प्राचार्य ने बताया कि रिक्त सीटों को छोड़ दिया जाय तो यह राशि लगभग 18 लाख रूपए हो जाती है। विवि के इस फैसले से सबसे अधिक शहरी क्षेत्रों के कॉलेज शासकीय शाईवि पीजी, केएन कालेज , शासकीय मिनीमाता कालेज आदि के विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं।

30 नवंबर नामांकन कराने की थी अतिम तिथि
नामांकन फॉर्म ऑनलाइन भरने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई थी। इसके बाद कुछ दिनों के लिए तिथि बढाई भी गई थी ताकि कोई छात्र चूक न जाए। इस प्रक्रिया के बीच ही विवि ने कॉलेजों को निर्देश जारी कर कहा गया था कि प्रवेश के समय लिए गए नामांकन शुल्क छात्रों को वापस लौटाया जाए।

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