शिक्षण सामग्री खरीदी में साढ़े 5 लाख का भ्रष्टाचार, जब्त सामान 25 साल से कमरे में कैद, आरोपी रिटायर

Corruption: शिक्षा विभाग में 1994-95 में शिक्षण सामग्री खरीदी (Education things purchase) के नाम पर 5 लाख 53 हजार 980 रुपए की गड़बड़ी हुई थी, सीआईडी (CID) ने भी की थी जांच

By: rampravesh vishwakarma

Published: 30 Dec 2020, 09:33 PM IST

बैकुंठपुर. कोरिया जिला शिक्षा कार्यालय (DEO office) के एक बंद कमरे में 25 साल से 5 लाख 53 हजार 980 रुपए की खरीदी घोटाले का सामान पड़ा है। इतने साल कमरे में बंद सामग्री खराब हो चुकी होगी। फिलहाल घोटाले का ये मामला न्यायालय (Court) में विचाराधीन है, जबकि इसके आरोपी रिटायर हो चुके है, वहीं एक के निधन की बात भी कही जा रही है।


जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वर्ष 1994-95 में औपचारिकेत्तर शिक्षा योजना में पढऩे वाले बच्चों के लिए 5 लाख 59 हजार 380 रुपए का सामग्री खरीदी गई थी, जिसमें भारी गड़बड़ी (Corruption) मिली थी।

मामले में पुलिस ने धारा 409, 420 का अपराध पंजीबद्ध कर जांच कर सामग्री को जब्त कर जिला शिक्षा कार्यालय के एक कमरे में बंद व सील कर दिया है।

सामग्री खरीदी के मामले में शिक्षा विभाग के शंकर केडी सरोड़ा को आरोपी बनाया है। फिलहाल मामला बैकुंठपुर न्यायालय में विचाराधीन है। लोक अभियोजन विभाग घोटाले (Scam) की सामग्री के रख-रखाव व कमरे की मरम्मत कराने पुलिस व शिक्षा विभाग को पत्र लिखता है।


सीआईडी जांच भी हुई थी, आरोपी हो चुका है रिटायर
लोक अभियोजन के अनुसार शिक्षा विभाग में सामग्री खरीदी घोटाले में सीआईडी ने भी अपराध पंजीबद्ध कर जांच की थी। सीआईडी ने मामले की जांच कर बैकुंठपुर थाना को 173(8) के तहत मामला दर्ज कर अतिरिक्त जांच करने निर्देश दिए थे। सामग्री खरीदी के मामले में आरोपी शंकर केडी सरोड़ा सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।

वहीं एक आरोपी के निधन हो जाने की बात भी कही जा रही है। गड़बड़ी के आरोप में एक सहायक संचालक व एक लिपिक कर्मचारी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।


कई साल से सील है कमरा
कार्यालय (Office) का एक कमरा कई साल से सील है। इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। मामले में जानकारी ली जाएगी।
संजय गुप्ता, डीईओ कोरिया

rampravesh vishwakarma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned