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राजस्थान में कोरोना से 29 मौतें, 6200 नए रोगी मिले

कोविड-19 के गहराते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे लॉकडाउन की तरह संयमित व्यवहार करें। कोविड की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है।

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कोटा. राजस्थान में कोरोना वायरस का संक्रमण जानलेवा हो गया है। पिछले दो दिनों में राज्य में करीब 57 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में बुधवार को 29 लोगों की जान कोरोना से चली गई। राज्यभर में 6200 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। कोटा में 646 नए रोगी सामने आए हैं और पांच लोगों की मौत हो गई। राजस्थान में कोरोना से अब तक 3 हजार 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जयपुर में एक ही दिन में बुधवार को 1325, जोधपुर में 820 और उदयपुर में 918 रोगी मिले हैं। राजस्थान में अब तक 75 लाख 24 हजार 365 लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है। इनमें 3 लाख 81 हजार 292 नमूने पॉजिटिव मिले। अभी राज्य में 44 हजार 905 एक्टिव केस हैं। कोविड-19 के गहराते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे लॉकडाउन की तरह संयमित व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी खतरनाक लहर से प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा में राज्य सरकार कोई कमी नहीं रखेगी। जिस तेजी से संक्रमित रोगियों की संख्या, पॉजिटिविटी रेट और मृत्युदर बढ़ रही है। उसे देखते हुए राज्य में सामाजिक-धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को सीमित करने, कफ्र्यू का समय बढ़ाने, विवाह एवं अन्य समारोह में लोगों की संख्या कम करने, कार्यस्थलों पर कार्मिकों की उपस्थिति घटाने, सार्वजनिक परिवहन में यात्री संख्या कम करने सहित लॉकडाउन के समान कड़े एवं प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा, संक्रमण रोकने के लिए कड़े कदम उठाना जरूरी है। आमजन को इससे कुछ तकलीफ हो सकती है, लेकिन जीवन रक्षा के लिए ऐसा करना आवश्यक है। गहलोत ने कोविड संक्रमित रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए किसी भी स्थिति का आकलन कर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में कोई कसर नहीं छोडऩे के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डेडीकेटेड कोविड केयर अस्पतालों, डे-केयर सेन्टर, पोस्ट कोविड केयर सेन्टर, ऑक्सीजन एवं आईसीयू बैड, दवाओं सहित अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं और बढ़ाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की यह दूसरी लहर पहले से भी अधिक घातक और खतरनाक बनती जा रही है। लोग इसकी भयावहता को समझें और वैसा ही व्यवहार करें, जैसा उन्होंने पहली बार लगाए गए लॉकडाउन के समय किया था। क्योंकि आंकड़े एवं अध्ययन बता रहे हैं कि दूसरी लहर में वायरस का प्रभाव, संक्रमण की रफ्तार तथा मृत्यु की दर पहले से कई गुना अधिक घातक है।