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HeartBreaking Incident : मौत ने नहीं दिया जिंदगी को बचने का वक्त

locationकोटाPublished: Feb 07, 2024 01:12:33 am

Submitted by:

Deepak Sharma

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब मकान गिरा तो चौकीदार जगदीश की पत्नी संतोष सब्जी खरीद रही थी। संतोष को मकान हिलता नजर आया तो वह पति को बाहर निकालने के लिए दौड़ी। जैसे ही संतोष मकान में घुसने लगी तो पत्थर गिरने लगे। मैंने संतोष बाहर खींचा। इसी दौरान मकान भरभराकर नीचे गिर गया। सिर पर पत्थर गिरने से संतोष चोटिल हो गई। जगदीश बाहर आने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन हमारी आंखों के सामने ही मलबे में दब गए।

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कोटा स्थित दीनदयाल उपाध्याय नगर में मंगलवार दोपहर दो मंजिला भवन भरभराकर गिर गया। इसमें मकान के चौकीदार की मलबे में दबने से मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी घायल हो गई। प्रत्यक्षदर्शी सब्जी विक्रेता चन्द्रप्रकाश मीणा ने बताया कि जब मकान गिरा तो चौकीदार जगदीश की पत्नी संतोष सब्जी खरीद रही थी। संतोष को अचानक मकान हिलता नजर आया तो वह पति को बाहर निकालने के लिए दौड़ी। मैं भी पीछे दौड़ा। जैसे ही संतोष मकान में घुसने लगी तो पत्थर नीचे गिरने लगे। मैंने संतोष का हाथ पकड़कर बाहर खींचा। इसी दौरान मकान भरभराकर नीचे गिर गया। सिर पर पत्थर गिरने से संतोष चोटिल हो गई। जगदीश बाहर आने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन हमारी आंखों के सामने ही मलबे में दब गए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झालावाड़ जिला निवासी जगदीश शर्मा (45) कई सालों से जयपुर निवासी व्यक्ति के घर की देखरेख कर रहे थे। विकलांग होने से जगदीश को चलने में दिक्कत थी। मकान के दोनों तरफ भूखण्डों में पानी भरा हुआ है। एक प्लॉट में सोमवार से नींव की खुदाई का कार्य चल रहा था। नींव खुदाई के बाद मकान अचानक धंसने लगा और गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही कोटा दक्षिण निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली।

आंखों देखी : मलबे में सिर्फ पंजा दिख रहा था, इसलिए सुरक्षित निकाला प्राथमिकता रही
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि करीब 3.35 बजे विधायक संदीप शर्मा के यहां से दो मंजिला मकान गिरने व उसमें मजदूरों के दबने की सूचना मिली। निगम व एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम मौके पर 3.45 बजे पहुंची। मलबे में चौकीदार के हाथ का पंजा दिखाई दे रहा था। इसलिए दोनों तरफ बुलडोजर लगाकर धीरे-धीरे मलबा को हटाना शुरू किया। रेस्क्यू टीम भी काम में जुट गई। 20 मिनट में मलबा हटाकर चौकीदार को बाहर निकाला। एम्बुलेंस से उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद अन्य लोगों के दबने होने की आशंका के चलते सर्च अभियान चलाया गया। रात आठ बजे तक मलबा साफ किया।

पीछे के मकान को भी खाली करवाया
सीएफओ ने बताया कि जो मकान गिरा, उसके पीछे के मकान की दूसरी मंजिल का काम चल रहा था। उसमें नीचे के मकान में एक परिवार रहता था। मकान का एक तरफ का हिस्सा उस पर टिक गया था। इस कारण उस मकान के लोगों को भी बाहर निकाला और उसके बाद मकान का पूरा मलबा हटाया गया।

विधायक ने घटनाक्रम की जानकारी ली
सूचना पर विधायक संदीप शर्मा भी मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। इस दौरान जिला कलक्टर डा रविन्द्र गोस्वामी, एसपी शरद चौधरी, एडीएम सिटी बृजमोहन बैरवा भी मौके पर पहुंचे। जिला कलक्टर ने मौके पर खड़े रहकर रेस्क्यू करवाया। विधायक शर्मा ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने को कहा।

अवैध खनन से खोखला कर दिया
इस समूचे क्षेत्र में कई सालों से अवैध खनन चल रहा है। इस कारण यहां तीन से चार फीट गहरा खनन हो चुका है। जब तक आसपास मकान नहीं बनते है, उसमें बारिश का पानी भर जाता है। पथरीला क्षेत्र होने के कारण लम्बे समय तक पानी भरा रहता है। इससे मकान में सीलन आ जाती है।

मृतक जगदीश पनवाड़ निवासी था और मकान की चौकीदारी का काम करता था। शव पोस्टमार्टम रूप में रखवा दिया गया है। परिजनों के आने पर मंगलवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। अभी किसी ने रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बृजबाला, थानाधिकारी

यूआईटी प्रशासन की ओर से कॉलोनियों में आवंटित किए गए भूखंडों पर तय समय में भूखंड निर्माण का प्रावधान है। ऐसा न करने पर यूआईटी पेनल्टी भी लगाती है। कॉलोनी में भूखंड निर्माण न करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
मुकेश चौधरी, उप सचिव यूआईटी

हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलक्टर और मैं भी तत्काल मौके पर पहुंच गए थे। हमारी प्राथमिकता तत्काल रेस्क्यू करना रहा। चौकीदार को दो मंजिल मकान के मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि बचाया नहीं गया। मकान कैसे गिरा, इसके बारे में फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।
बृजमोहन बैरवा, एडीएम सिटी

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