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कचरे की मुसीबत से निपटेंगी प्रशिक्षित पेशेवरों की फौज, AICTE देगा Waste Management में एमबीए की डिग्री

शहरों के सीनों पर तने कचरे और कबाड़ के पहाड़ों से निपटने के लिए प्रशिक्षित पेशेवरों की फौज तैयार की जाएगी। किताबी और व्यवहारिक बारीकियां सिखाने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने कचरा प्रबंधन में एमबीए प्रोग्राम शुरू करने को मंजूरी दे दी है। देश भर के मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स और विश्वविद्यालयों में इस कोर्स की पढ़ाई इसी साल से शुरू हो जाएगी।
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AICTE Approved MBA Programme in Waste Management And Social Entrepreneurship

AICTE Approved MBA Programme in Waste Management And Social Entrepreneurship

कोटा.

वैश्विक दवाब में मुल्क के पर्यावरण संरक्षण कानून तो दिनों दिन सख्त होते जा रहे हैं, लेकिन उन्हें क्रियान्वित कराने के लिए विशेषज्ञ तंत्र मौजूद नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए एआईसीटीई ने अब वेस्ट मैनेजमेंट एंड सोशल इंटरप्रिन्योरशिप के एक्सपर्ट तैयार करने के लिए मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) का पाठ्यक्रम शुरू किया है। इंटरनेशनल एकेडमिक और प्रोफेशनल एक्सपर्ट की मदद से करीब दो साल में इस स्नातकोत्तर डिग्री का सिलेबस तैयार किया गया है। AICTE ने सिलेबस और एकेडमिक पैटर्न को मंजूरी दे देश भर के Management Institutes And University में इसी साल से इस विषय की पढ़ाई शुरू करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

पाठ्यक्रम हुआ एप्रूव, इसी साल से पढ़ाई

एआईसीटीई की एक्जक्यूटिव काउंसिल के मेम्बर एवं राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के डीन फेकल्टी अफेयर्स प्रो. अनिल कुमार माथुर ने बताया कि देश ही नहीं दुनिया भर में कचरे की मुसीबत से निपटने के लिए प्रोफेशनल्स की खासी मांग बढ़ी है। जिसे देखते हुए एआईसीटीई ने एमबीए वेस्ट मैनेजमेंट एंड सोशल इंटरप्रिन्योरशिप (MBA Programme in Waste Management And Social Entrepreneurship) कोर्स लांच किया है। स्टडी पैटर्न, ट्रेनिंग और प्लेसमेंट की बारीकियां जांचने के बाद काउंसिल इसी साल से इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू कराने जा रहा है। कोई भी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट AICTE की एप्रूवल ले इस कोर्स को शुरू कर सकता है।

यह मिलेगा प्रशिक्षण

पहले सत्र में इन्ट्रोडक्शन ऑफ मैनेजमेंट, प्रिंसिपल एंड प्रेक्टिस ऑफ मैनेजमेंट, मैनेजरियल इकॉनोमिक्स, फाइनेंशियल एकाउंटिंग और रिसर्च मैथड्स ऑफ मैनेजमेंट प्रश्रपत्र के जरिए वेस्ट मैनेजमेंट की आधारभूत बारीकियों की जानकारी देने के साथ नए दौर में उपयोगिता की पढ़ाई कराई जाएगी। दूसरे सत्र में इंजीविजुअल एंड ऑर्गनाइजेशन विहेवियर, लॉजिस्टिक एंड टेक्निकल मैथड्स, मार्केटिंग मैनेजमेंट और इंटरप्रिन्योरशिप के मौकों की जानकारी दे प्रबंधन और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। जबकि तीसरे सत्र में ह्यूमन रिसोर्स, मैनेजमेंट स्ट्रेटजी, रेग्युलरिटी फ्रेमवर्क और चौथे सत्र में ग्लोबल इंडीकेशन, मैनेजमेंट इन्फटर्मेशन सिस्टम, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्रों में क्रिएटिविटी और इनोवेशन के मौकों से पहचान कराई जाएगी। वहीं तीन इलेक्टिव पेपर्स के जरिए वेस्ट मैनेजमेंट ऑपरेशन, मार्केटिंग और बायो, वॉटर, सॉलिड और ईवेस्ट की बारीकियां सिखाई जाएंगी।

94 क्रेडिट का होगा कोर्स

पूरा पाठ्यक्रम चार सेमेस्टर में बंटा होगा। पहले सेमेस्टर में 26 क्रेडिट के छह पेपर होंगे। दूसरे में 28 क्रेडिट के पांच, तीसरे में 24 क्रेडिट के पांच और आखिरी सेमेस्टर में 16 क्रेडिट के चार पेपर होंगे। व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए चार महीने की लैब, फील्ड विजिट और फील्ड वर्र्किंग का एक्सपीरियंस भी हासिल करना होगा। इसके लिए 24 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं। 12 क्रेडिट के तीन इलेक्टिव पेपर होंगे।