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अफसरों के कान पर नहीं रेंगती जू , आवारा मवेशियों का आतंक बरकरार

सालभर निर्देश और योजनाओं के बाद भी फिर वही कहानी,सड़कों पर आवारा मवेशी जमे रहे,कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
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कोटा

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Zuber Khan

•

Jun 28, 2018

cattle

cattle

कोटा. बारिश शुरू होते ही शहर में फिर आवारा मवेशियों की समस्या जानलेवा साबित होने वाली हैं। पहली बारिश के बाद ही रात में शहर की सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगने लग गया। इस कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।


बारिश में कीचड़ होने के कारण मवेशी सूखी जगह पर सड़कों के बीच आ जाते हैं। मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश के बाद कमोबेश शहर की सभी सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा हो गया है। पशुपालक भी पालतू मवेशियों को भी खुला छोडऩे लग गए हैं। इससे यह समस्या और गंभीर हो गई है। नगर निगम पूरे साल सोता रहा।

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परिणाम शून्य
निगम ने आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किए हैं। केवल बैठकें हुई, निर्णय हुए और पालना के नाम पर नतीजा शून्य रहा। महापौर और आयुक्त बोर्ड व कार्य समिति की बैठक में आवारा मवेशियों की समस्या पर चिंता जताते हुए कार्रवाई की बड़ी-बड़ी बातें की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। महापौर ने मवेशियों के टैग लगाने की आदेश दिए थे, लेकिन तीन माह बीतने वाले हैं अभी तक फाइलों में ही टैग लग रहे हैं।

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उजड़ गए परिवार
पिछले साल बारिश में आवारा मवेशियों के सड़कों पर विचरण करने से शहर में आधा दर्जन लोगों की अकाल मौत हो हुई और तीन दर्जन लोग घायल हो गए थे। लोग रात को सड़कों पर बाइक से जाने तक से डरने लग गए थे।


पत्रिका ने लगातार चेताया
आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए 'राजस्थान पत्रिका' लगातार नगर निगम और जिला प्रशासन को चेताता रहा है। अप्रेल में ही पत्रिका ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन जिम्मेदारों ने आंखें मूंद रखी हैं।

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कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
इधर, कांग्रेसी पार्षदों ने बुधवार को महापौर को ज्ञापन देकर आवारा मवेशियों की समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। सात दिन में समाधान नहीं होने की दशा में आंदोलन की चेतावनी दी गई है। नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका ने बताया कि महापौर महेश विजय को आवारा मवेशियों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मण्डल में पार्षद दिलीप पाठक, मोहम्मद हुसैन मोम्दा, मोनू कुमारी, शमा मिर्जा आदि शामिल थे।