CBSE New Exam Pattern : सीबीएसई बोर्ड ने जारी किया Exam का नया पेपर पैटर्न

- अब 35 अंकों के होंगे सैद्धांतिक प्रश्न पत्र

- प्रायोगिक परीक्षाएं 15 अंक की
- परीक्षा समय : 90 मिनट/120 मिनट का होगा

By: KR Mundiyar

Published: 24 Jul 2021, 06:24 PM IST

कोटा.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकण्डरी एजुकेशन (CBSE) नई दिल्ली ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं के लिए नया पेपर पेटर्न (new paper pattern of the exam ) जारी कर दिया है। इस संबंध में एक नोटिफि केशन बोर्ड की ऑफि शियल वेबसाइट पर जारी किया गया है। नोटिफि केशन में बोर्ड परीक्षाओं के पेपर पेटर्न की मार्किंग स्कीम तथा संबंधित सिलेबस की विस्तृत जानकारी दी गई है।

उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने कुछ समय पूर्व कोविड महामारी के कारण 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षा प्रणाली में परिवर्तन किया था। इसके अनुसार 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 2 टर्म में आयोजित की जानी हैं। नोटिफि केशन के अनुसार, दोनों ही टर्म में आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में विषय वार पूर्णांक 50 होंगे। सैद्धांतिक प्रश्न पत्र 35 अंकों का होगा। प्रायोगिक परीक्षा 15 अंकों की होगी। दोनों टम्र्स का सिलेबस व मोड ऑफ एग्जामिनेशन भी भिन्न होगा। बोर्ड ने टर्म-1 व टर्म-2 के लिए सिलेबस को लगभग दो बराबर भागों में बांट दिया है। ज्ञात रहे कि पूर्व जारी की गई सूचना के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष में टर्म-1 की परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर में ऑब्जेक्टिव पेपर पैटर्न पर आयोजित की जाएगी। इनका परीक्षा समय 90 मिनट का होगा। ऑब्जेक्टिव पेपर पैटर्न के प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर दिए जाएंगे। टर्म-2 की परीक्षाएं मार्च-अप्रेल में सब्जेक्टिव पेपर पैटर्न पर आयोजित की जाएगी। इनका परीक्षा समय 120 मिनट होगा। टर्म-1 व टर्म-2 के परीक्षा परिणामों के आधार पर ही फाइनल परीक्षा परिणाम तैयार किए जाएंगे।
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बोर्ड व प्रतियोगी परीक्षाओं में अब बेहतर सामंजस्य-
शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए बोर्ड द्वारा जारी नया बोर्ड परीक्षा पेपर पेटर्न विद्यार्थियों के लिए बेहतर होगा। विद्यार्थी अब सब्जेक्ट मेटर को सब्जेक्टिव व ऑब्जेक्टिव दोनों दृष्टिकोण से पढ़ पाएंगे। विद्यार्थियों की विषय के प्रति रुचि व समझ दोनों में ही वृद्धि होगी। पूर्व में बोर्ड परीक्षाएं सब्जेक्टिव पैटर्न तथा इंजीनियरिंग-मेडिकल एवं अन्य प्रवेश परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव पैटर्न पर आयोजित की जाती थी। विद्यार्थी को दोनों परीक्षाओं के लिए डिफ रेंट मोड से तैयारी करनी पड़ती थी, किंतु अब बोर्ड परीक्षाओं में भी हाफ सिलेबस पर ऑब्जेक्टिव पैटर्न लागू होने के कारण विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा के साथ ही स्वाभाविक तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकेंगे। बोर्ड व प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षा पेपर पैटर्न में सामंजस्य स्थापित होने के कारण विद्यार्थियों में परीक्षाओं को लेकर उत्पन्न तनाव में कमी आएगी।

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